रायपुर/रजनांदगांव (छत्तीसगढ़)
राजनांदगांव पुलिस धर्मापुर आश्रम-चर्च भवन में कथित धार्मिक परिवर्तन और नाबालिगों के शरण लेने के आरोपों की गहन जांच कर रही है।पुलिस अधीक्षक (SP) अंकिता शर्मा ने ANI से बात करते हुए बताया कि पुलिस मामले में संदिग्ध पाए गए ट्रेनिंग मॉड्यूल्स की छानबीन कर रही है। इसमें शामिल विषयों, प्रशिक्षण में भाग लेने वाले लोगों और मिलने वाले वित्तीय सहायता (funding) की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को कई ऐसे बैंक खाते भी संदिग्ध लगे हैं, जिनके माध्यम से यह गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
शर्मा ने कहा,"धर्मापुर मामले की जांच बहुत गहन स्तर पर की जा रही है। ट्रेनिंग मॉड्यूल्स की जांच की जा रही है, जिसमें यह पता लगाया जा रहा है कि किन लोगों ने भाग लिया, कौन-कौन से विषय पढ़ाए गए और धन कहां से आया। पिछले वर्ष कुछ प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए थे। इसमें शामिल लोगों, उनके उद्देश्यों और धन के प्रवाह की पड़ताल की जा रही है।"
उन्होंने बताया कि इस मामले में एक कथित नेटवर्क भी काम कर रहा था, जिसमें कई संगठन और उनके सदस्य जुड़े हुए पाए गए हैं। पुलिस यह भी देख रही है कि इन संगठनों ने अपने अनुयायियों को कैसे प्रशिक्षित किया, धन का प्रबंधन कैसे हुआ और इन गतिविधियों का उद्देश्य क्या था।
पुलिस ने यह भी पुष्टि की कि मामले में शामिल नाबालिगों को उनके मूल स्थान कंकर के चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) भेज दिया गया है। अधिकारियों ने यह भी जांच शुरू कर दी है कि क्या इस मामले के और भी पहलू हैं, जो अब तक उजागर नहीं हुए हैं।
SP शर्मा ने कहा,"कुछ विवरण पुलिस जांच के चलते गोपनीय रखे जा रहे हैं। हमारी कोशिश है कि इस मामले की हर पहलू से पूरी तरह जांच की जाए।"