चंद्रबाबू नायडू ने अमित शाह से की मुलाकात, अमरावती को वैधानिक राजधानी का दर्जा देने की मांग

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 08-01-2026
Chandrababu Naidu met with Amit Shah and demanded that Amaravati be granted the status of a statutory capital.
Chandrababu Naidu met with Amit Shah and demanded that Amaravati be granted the status of a statutory capital.

 

नई दिल्ली।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर राज्य की राजधानी अमरावती को वैधानिक दर्जा दिए जाने की जोरदार मांग की। नायडू ने आग्रह किया कि इस संबंध में संसद में एक विधेयक लाया जाए, ताकि अमरावती को आधिकारिक रूप से आंध्र प्रदेश की राजधानी के रूप में कानूनी मान्यता मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमरावती को वैधानिक दर्जा दिया जाना राज्य के दीर्घकालिक विकास, प्रशासनिक स्थिरता और निवेशकों के भरोसे के लिए बेहद आवश्यक है। उनका मानना है कि राजधानी को लेकर स्पष्टता होने से न केवल विकास योजनाओं को गति मिलेगी, बल्कि आंध्र प्रदेश की छवि भी एक स्थिर और विकासोन्मुख राज्य के रूप में मजबूत होगी।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह बैठक गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर हुई। बातचीत के दौरान नायडू ने केंद्र सरकार की हाल ही में लागू ‘विकसित भारत–जी राम जी’ योजना के वित्तीय प्रावधानों को लेकर भी अपनी चिंताएं सामने रखीं। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत केंद्र और राज्य के बीच 60:40 के अनुपात में तय किया गया परिवर्तित वित्तपोषण मॉडल आंध्र प्रदेश के लिए अतिरिक्त आर्थिक दबाव पैदा कर सकता है।

नायडू ने स्पष्ट किया कि राज्य की मौजूदा वित्तीय स्थिति पहले से ही चुनौतीपूर्ण है और ऐसे में बढ़ा हुआ वित्तीय भार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में बाधा बन सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि वित्तीय ढांचे में लचीलापन नहीं दिया गया, तो इससे विकास कार्यों की गति प्रभावित हो सकती है।

मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री से अनुरोध किया कि आंध्र प्रदेश की आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार वैकल्पिक वित्तीय सहायता या विशेष सहयोग पर विचार करे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्र के साथ मिलकर योजनाओं को सफल बनाना चाहती है, लेकिन इसके लिए वित्तीय संतुलन और सहयोग जरूरी है।

बैठक को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है, क्योंकि अमरावती को लेकर लंबे समय से राज्य में बहस जारी है। नायडू की इस मांग से संकेत मिलता है कि राज्य सरकार राजधानी के मुद्दे को स्थायी समाधान तक पहुंचाने के लिए केंद्र से स्पष्ट समर्थन चाहती है।