Centralized electricity bill payment system approved for Maharashtra government offices in Mumbai
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने मंगलवार को एक बड़े प्रशासनिक सुधार को मंजूरी दी, जिसके तहत मुंबई में राज्य सरकार और नगर निकाय के सभी कार्यालयों के बिजली बिलों का भुगतान बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) उपक्रम द्वारा संचालित एक केंद्रीकृत व्यवस्था के माध्यम से किया जाएगा।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में फैसला लिया गया कि मुंबई में राज्य सरकार और नगर निकाय के सभी कार्यालयों के बिजली बिल का भुगतान बेस्ट की समेकित बिलिंग प्रणाली के जरिये किया जाएगा।
बयान के अनुसार, मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र राज्य सूचना आयोग में आयुक्त के तीन अतिरिक्त पदों के सृजन और आवश्यक सहायक कर्मचारियों की नियुक्ति को भी मंजूरी दे दी।
बयान में कहा गया है कि मंत्रिमंडल ने गोपीनाथ मुंडे किसान दुर्घटना अनुग्रह सहायता योजना को तीन साल बढ़ाने के प्रस्ताव को भी स्वीकार कर लिया। इसमें कहा गया है कि बैठक में योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसमें भूमिहीन कृषि मजदूरों और महिला किसानों को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया।
न्यायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए, मंत्रिमंडल ने छत्रपति संभाजीनगर के सिल्लोड में एक जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय और एक सरकारी वकील के कार्यालय की स्थापना को मंजूरी दे दी है, साथ ही इसके लिए आवश्यक न्यायिक और प्रशासनिक पदों तथा वित्तीय प्रावधानों को भी स्वीकृति प्रदान कर दी है।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में फैसला लिया गया कि मुंबई में राज्य सरकार और नगर निकाय के सभी कार्यालयों के बिजली बिल का भुगतान बेस्ट की समेकित बिलिंग प्रणाली के जरिये किया जाएगा।
बयान के अनुसार, मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र राज्य सूचना आयोग में आयुक्त के तीन अतिरिक्त पदों के सृजन और आवश्यक सहायक कर्मचारियों की नियुक्ति को भी मंजूरी दे दी।
बयान में कहा गया है कि मंत्रिमंडल ने गोपीनाथ मुंडे किसान दुर्घटना अनुग्रह सहायता योजना को तीन साल बढ़ाने के प्रस्ताव को भी स्वीकार कर लिया। इसमें कहा गया है कि बैठक में योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसमें भूमिहीन कृषि मजदूरों और महिला किसानों को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया।
न्यायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए, मंत्रिमंडल ने छत्रपति संभाजीनगर के सिल्लोड में एक जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय और एक सरकारी वकील के कार्यालय की स्थापना को मंजूरी दे दी है, साथ ही इसके लिए आवश्यक न्यायिक और प्रशासनिक पदों तथा वित्तीय प्रावधानों को भी स्वीकृति प्रदान कर दी है।