आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
सरकार ने मंगलवार को संसद को बताया कि भारत के खिलाफ विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों के तहत फिलहाल नौ व्यापारिक विवाद लंबित हैं, जिनमें जापान, ब्राजील और ऑस्ट्रेलिया की ओर से दायर मामले भी शामिल हैं।
वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि इन मामलों में भारत के हितों की पैरोकारी और कानूनी सहायता के लिए वाणिज्य विभाग ‘सेंटर फॉर ट्रेड एंड इनवेस्टमेंट लॉ’ (सीटीआईएल), ‘सेंटर फॉर डब्ल्यूटीओ स्टडीज’ (सीडब्ल्यूएस) तथा सूचीबद्ध ‘लॉ फर्म’ की सेवाएं लेता है।
उन्होंने बताया कि उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, इन नौ विवादों से संबंधित मामलों में कानूनी फर्म की सेवाओं पर अब तक लगभग 2.43 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
मंत्री ने बताया कि कार्यवाही अभी जारी है, इसलिए आगे का खर्च संबंधित मामलों की प्रगति और आवश्यकता पर निर्भर करेगा।
प्रसाद ने कहा कि डब्ल्यूटीओ के विवाद निपटान समझौते के तहत भारत के खिलाफ वर्तमान में नौ मामले लंबित हैं।
मंत्री के अनुसार, इनमें जापान ने दो, चीन ने दो, जबकि ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, ग्वाटेमाला, यूरोपीय संघ और चीनी ताइपे ने एक-एक शिकायत दायर की है।