आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने कहा कि भगवान बुद्ध की सदियों पुरानी शिक्षाएं भारत और अमेरिका के समाजों को जोड़ती हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग एवं साझेदारी का बुनियादी आधार हैं।
न्यूयॉर्क स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास द्वारा आयोजित ‘भारत का शाश्वत संदेश : प्राचीन काल से समकालीन समय तक बौद्ध धर्म’ विषयक सम्मेलन में मंगलवार को विशेष संबोधन देते हुए क्वात्रा ने कहा कि बुद्ध की शिक्षाएं करीब 2,500 साल पुरानी होने के बावजूद आज भी प्रासंगिक हैं और दोनों देशों के समाजों को जोड़ती हैं।
उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक परंपराएं और बुद्ध की शिक्षाओं को बौद्धिक रूप से आत्मसात करना दोनों देशों के मजबूत संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने अमेरिका को बौद्ध विचारों के अकादमिक अध्ययन और उनकी गहरी समझ का प्रमुख केंद्र बताया।
क्वात्रा ने कहा कि बुद्ध की शिक्षाओं को समझने का प्रयास करना ही किसी व्यक्ति के लिए प्रेरणादायक यात्रा है। उन्होंने कहा कि इन शिक्षाओं का मूल स्वरूप नहीं बदला है, बल्कि समय के साथ उनकी व्याख्याएं बदली हैं।
उन्होंने बताया कि भारत अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय के रूप में नालंदा को पुनर्जीवित करने के लिए प्रयास कर रहा है। इसके अलावा सारनाथ, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में बौद्ध शिक्षा के तीन अन्य केंद्र विकसित किए जा रहे हैं।
क्वात्रा ने बुद्ध के जीवन और शिक्षाओं से जुड़े 13 प्रमुख स्थलों को शिक्षा एवं संवाद के केंद्रों के रूप में विकसित करने की योजना का भी उल्लेख किया। इनमें बिहार का बोधगया और उत्तर प्रदेश के सारनाथ, कुशीनगर तथा श्रावस्ती शामिल हैं।