BRICS Summit: IB alerts agencies over China, Russia-linked protests, graffiti, drone threats
नई दिल्ली
इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अलर्ट के बाद दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी है। IB ने VVIP मूवमेंट में बाधा डालने, सुरक्षा इंतज़ामों को तोड़ने और गड़बड़ी पैदा करने की संभावित कोशिशों को लेकर चेतावनी दी है।
सुरक्षा संबंधी इनपुट में ग्रैफ़िटी, ड्रोन गतिविधि और VVIP रूट में घुसपैठ की कोशिशों जैसे संभावित खतरों की ओर इशारा किया गया है, जिसके चलते एजेंसियों ने अहम इलाकों में निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने का काम तेज़ कर दिया है।
खतरों का आकलन देश और मुद्दे-विशिष्ट इनपुट के आधार पर किया जा रहा है। एजेंसियों को आशंका है कि समिट के दौरान विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने या गड़बड़ी पैदा करने के लिए इसमें शामिल देशों से जुड़े विवादों और संवेदनशील मुद्दों का फ़ायदा उठाया जा सकता है।
सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा आकलन के तहत चीन से जुड़े तिब्बती विरोध-प्रदर्शन और रूस से संबंधित मुद्दों पर भी विचार किया जा रहा है।
सूत्रों ने आगे बताया कि खालिस्तान से जुड़े खतरों की ओर भी इशारा किया गया है और एजेंसियों को समय-समय पर इस मुद्दे से जुड़े ईमेल और अन्य इनपुट मिल रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियां विरोध-प्रदर्शन के आह्वान, लोगों को इकट्ठा करने की कोशिशों, भड़काऊ कंटेंट और नियोजित ग्रैफ़िटी या अन्य विघटनकारी गतिविधियों के संकेतों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म और डिजिटल कम्युनिकेशन चैनलों पर बारीकी से नज़र रख रही हैं।
समिट के आयोजन स्थलों, प्रतिनिधियों के ठहरने की संभावना वाले होटलों, VVIP रूट, अहम प्रतिष्ठानों और प्रमुख ट्रांसपोर्ट हब के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है।
दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा व खुफिया एजेंसियां संभावित खतरों की पहचान करने और इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में बाधा डालने की किसी भी कोशिश को रोकने के लिए रियल-टाइम तालमेल और जानकारी साझा करने का काम भी कर रही हैं।
भारत 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें BRICS समिट की मेज़बानी कर रहा है। यह 2026 में BRICS की अध्यक्षता के तौर पर भारत की चौथी अध्यक्षता होगी। भारत की अध्यक्षता "लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) थीम पर आधारित है। यह थीम मौजूदा उपलब्धियों और संस्थागत प्रभावशीलता को मज़बूत करने पर भारत के फ़ोकस को दर्शाती है। यह विकास, स्थिरता और इनोवेशन को एजेंडे के केंद्र में रखती है। यह ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को भी उजागर करती है। भारत ब्रिक्स (BRICS) को एक रचनात्मक और समाधान-उन्मुख मंच के रूप में मज़बूत करना चाहता है।