आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
सार्वजनिक क्षेत्र की पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लि. (पीएफसी) और आरईसी लि. के निदेशक मंडलों ने आरईसी के पीएफसी में विलय की योजना को मंजूरी दे दी है।
दोनों कंपनियों ने रविवार देर रात शेयर बाजार को दी सूचना में यह जानकारी दी। आरईसी के पीएफसी में विलय से एक ऐसी वित्तीय कंपनी बनेगी जिसका कुल कर्ज खाता 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक का होगा।
योजना और मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार, आरईसी का पीएफसी में प्रस्तावित विलय के लिए शेयर विनिमय अनुपात के तहत आरईसी के शेयरधारकों को 10-10 रुपये अंकित मूल्य वाले प्रत्येक चुकता 100 शेयर के बदले पीएफसी के 10-10 रुपये अंकित मूल्य के 88 चुकता शेयर जारी किए जाएंगे। ये शेयर उन शेयरधारकों को जारी किए जाएंगे जिनके पास पीएफसी और आरईसी के निदेशक मंडलों द्वारा तय की जाने वाली रिकॉर्ड तारीख पर कंपनी के शेयर होंगे।
यह विलय कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 230-232 और अन्य लागू प्रावधानों के तहत किया जाएगा जिसमें संबंधित शेयरधारकों तथा कर्जदाताओं को भी शामिल किया गया है।
यह विलय कई शर्तों पर निर्भर है। इनमें दोनों कंपनियों के शेयरधारकों और कर्जदाताओं की मंजूरी और सभी संबंधित नियामकीय तथा सरकारी प्राधिकरणों की मंजूरी शामिल है।
दोनों कंपनियों के संयुक्त बयान के अनुसार, विलय के बाद बनी कंपनी का कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत 'सरकारी कंपनी' का दर्जा बनाए रखना और भारत सरकार का विलय के बाद बनी कंपनी में (सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से) ज्यादातर मतदान अधिकार और नियंत्रण बनाए रखना भी जरूरी है।