जम्मू-कश्मीर में राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा, नेकां और पीडीपी ने ‘मैच फिक्सिंग' की : लोन

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 29-04-2026
BJP, NC and PDP indulged in match-fixing during Rajya Sabha : Lone
BJP, NC and PDP indulged in match-fixing during Rajya Sabha : Lone

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) पर पिछले साल जम्मू-कश्मीर की चार राज्यसभा सीट के लिए हुए चुनाव के दौरान “मैच फिक्सिंग” की साजिश रचने का आरोप लगाया।
 
राज्यसभा चुनाव में सत्तारूढ़ नेकां ने जहां तीन सीट पर जीत दर्ज की थी, वहीं विपक्षी दल भाजपा पर्याप्त संख्या बल न होने के बावजूद एक सीट पर कब्जा जमाने में कामयाब रही थी। कम से कम चार गैर-भाजपा विधायकों ने भाजपा उम्मीदवार सत शर्मा के पक्ष में मतदान किया था, जिन्हें कुल 32 वोट हासिल हुए थे, जबकि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पार्टी के सदस्यों की संख्या 28 है।
 
लोन ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया था। उनके इस कदम से भी भाजपा प्रत्याशी को फायदा हुआ था।
 
पीपुल्स कॉन्फ्रेंस प्रमुख ने यहां एक बयान में कहा, “नेकां का एजेंट की नियुक्ति पर जोर न देना और पीडीपी का एजेंट नियुक्त न करना “मैच फिक्सिंग” की ओर इशारा करता है।”
 
लोन ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत दायर एक आवेदन पर मिले जवाब का हवाला देते हुए यह टिप्पणी की, जिसमें कहा गया था कि पीडीपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए किसी मुख्य एजेंट की नियुक्ति नहीं की थी।
 
हंदवारा से विधायक लोन ने कहा कि आरटीआई आवेदन पर मिले जवाब से पता चलता है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान कम से कम तीन पार्टियों-भाजपा, नेकां और पीडीपी -ने मिलीभगत की थी।
 
उन्होंने कहा, “नेकां और पीडीपी के सक्रिय समर्थन के बिना भाजपा राज्यसभा सीट नहीं जीत सकती थी।”
 
लोन ने 2015 के राज्यसभा चुनाव को याद करते हुए कहा कि पीपुल्स कॉन्फ्रेंस का कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं था, लेकिन तत्कालीन सत्तारूढ़ गठबंधन ने उनकी पार्टी से अपनी पसंद के एक एजेंट को नियुक्त करने के लिए कहा था।
 
राज्यसभा चुनाव में सत्तारूढ़ नेकां ने जहां तीन सीट पर जीत दर्ज की थी, वहीं विपक्षी दल भाजपा पर्याप्त संख्या बल न होने के बावजूद एक सीट पर कब्जा जमाने में कामयाब रही थी। कम से कम चार गैर-भाजपा विधायकों ने भाजपा उम्मीदवार सत शर्मा के पक्ष में मतदान किया था, जिन्हें कुल 32 वोट हासिल हुए थे, जबकि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पार्टी के सदस्यों की संख्या 28 है।
 
लोन ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया था। उनके इस कदम से भी भाजपा प्रत्याशी को फायदा हुआ था।
 
पीपुल्स कॉन्फ्रेंस प्रमुख ने यहां एक बयान में कहा, “नेकां का एजेंट की नियुक्ति पर जोर न देना और पीडीपी का एजेंट नियुक्त न करना “मैच फिक्सिंग” की ओर इशारा करता है।”
 
लोन ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत दायर एक आवेदन पर मिले जवाब का हवाला देते हुए यह टिप्पणी की, जिसमें कहा गया था कि पीडीपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए किसी मुख्य एजेंट की नियुक्ति नहीं की थी।
 
हंदवारा से विधायक लोन ने कहा कि आरटीआई आवेदन पर मिले जवाब से पता चलता है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान कम से कम तीन पार्टियों-भाजपा, नेकां और पीडीपी -ने मिलीभगत की थी।
 
उन्होंने कहा, “नेकां और पीडीपी के सक्रिय समर्थन के बिना भाजपा राज्यसभा सीट नहीं जीत सकती थी।”
 
लोन ने 2015 के राज्यसभा चुनाव को याद करते हुए कहा कि पीपुल्स कॉन्फ्रेंस का कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं था, लेकिन तत्कालीन सत्तारूढ़ गठबंधन ने उनकी पार्टी से अपनी पसंद के एक एजेंट को नियुक्त करने के लिए कहा था।