‘विधायकों की खरीद-फरोख्त’ के आरोप पर भाजपा ने उमर अब्दुल्ला को भेजा नोटिस

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 13-07-2026
BJP issues notice to Omar Abdullah over allegations of horse-trading of MLAs
BJP issues notice to Omar Abdullah over allegations of horse-trading of MLAs

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जम्मू कश्मीर इकाई ने सोमवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को कानूनी नोटिस भेजा। यह नोटिस उनके उस दावे को लेकर भेजा गया जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा ने उनकी सरकार गिराने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों को नकद और मंत्री पद का लालच देने की कोशिश की थी।
 
भाजपा ने इन आरोपों को ‘‘झूठा, बेबुनियादी और मानहानिकारक’’ बताते हुए लिखित रूप में इन्हें वापस लेने और सात दिनों के भीतर बिना शर्त सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। साथ ही, पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर ये मांगें पूरी नहीं की गईं, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
 
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पिछले सप्ताह हजरतबल में नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया था कि भाजपा उनकी पार्टी में टूट करवाकर उनकी सरकार गिराने की कोशिश कर रही है।
 
उन्होंने यह भी दावा किया था कि जम्मू क्षेत्र के नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक विधायक ने उन्हें बताया कि भाजपा में शामिल होने के बदले उसे 20 से 30 करोड़ रुपये और मंत्री पद की पेशकश की गई थी।
 
यह नोटिस भाजपा की जम्मू कश्मीर इकाई के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य सत पाल शर्मा के निर्देश पर अधिवक्ता परिमोक्ष सेठ के माध्यम से भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि मुख्यमंत्री के बयानों से भाजपा और उसके पदाधिकारियों की प्रतिष्ठा तथा सार्वजनिक छवि को गंभीर क्षति पहुंची है।
 
भाजपा के एक प्रवक्ता ने बताया कि पार्टी ने मुख्यमंत्री को नोटिस भेज दिया है।
 
तीन पृष्ठ के नोटिस के अनुसार, उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया था कि भाजपा के पदाधिकारियों ने जम्मू क्षेत्र के नेशनल कॉन्फ्रेंस के कुछ विधायकों से संपर्क कर उन्हें भाजपा में शामिल होने के बदले में 20 से 30 करोड़ रुपये, मंत्री पद और राज्य का दर्जा बहाल कराने का प्रस्ताव दिया था।
 
नोटिस में मुख्यमंत्री के उस आरोप का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा का एक वरिष्ठ पदाधिकारी, जो उच्चतम न्यायालय में वकालत भी करता है, कथित तौर पर इन प्रलोभनों की पेशकश कराने में शामिल था।
 
भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें ‘‘पूरी तरह असत्य, दुर्भावनापूर्ण और तथ्यों से रहित’’ बताया है।
 
नोटिस में कहा गया है कि पार्टी की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से जानबूझकर ये आरोप लगाए गए और इन्हें व्यापक रूप से प्रसारित किया गया, जिससे भाजपा की प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुंचा।