आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सचिव एस. कृष्णन ने सोमवार को कहा कि सोशल मीडिया मंच 'इंस्टाग्राम' पर बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) से जुड़े विज्ञापनों को लेकर जारी सरकारी नोटिस पर मेटा का जवाब मिल गया है। मंत्रालय फिलहाल इसकी समीक्षा कर रहा है और जांच के बाद इस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने पिछले दिनों मेटा को नोटिस जारी कर इंस्टाग्राम पर सशुल्क विज्ञापनों के जरिए बाल यौन शोषण सामग्री को बढ़ावा देने वाले सभी विज्ञापनों और सामग्रियों को तुरंत हटाने का निर्देश दिया था। साथ ही, कंपनी से एक निश्चित समयसीमा के भीतर इस पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा था।
नोटिस जारी होने के कुछ दिनों बाद मेटा ने अपने ऐप पर बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी थी।
कंपनी ने कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित पहचान प्रणाली और बड़े पैमाने पर की गई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा था कि वह युवाओं को सुरक्षित रखने और विज्ञापन समीक्षा प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए प्रौद्योगिकी एवं संसाधनों में निवेश जारी रखेगी।
कृष्णन ने कहा कि मेटा का जवाब सरकार को मिल गया है।
उन्होंने कहा, "बाल यौन शोषण सामग्री के संबंध में हमने मेटा को नोटिस जारी किया था और उसका जवाब मिल गया है। फिलहाल इसकी समीक्षा की जा रही है।"
उन्होंने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को मेटा का जवाब शनिवार को मिला, जो जवाब देने की अंतिम तारीख थी।
कृष्णन ने कहा, "जवाब की जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।"