आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बुधवार को पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के चुनाव में देरी को लेकर बुधवार को राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन कर रही है।
वह पार्टी द्वारा यहां आयोजित पंचायती राज सशक्तिकरण सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
डोटासरा ने कहा कि राज्य में पंचायती राज प्रतिनिधियों का चुनाव हुए छह साल से अधिक समय बीत गया है मगर इस सरकार ने जानबूझकर संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए समय पर पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव नहीं करवाए हैं।
उन्होंने कहा,“सरकार से सवाल है कि एक तरफ तो भाजपा के नेता एवं प्रधानमंत्री स्वयं संविधान की दुहाई देते हैं, प्रधानमंत्री संसद में संविधान को माथे पर लगाते हैं और दूसरी ओर संविधान के प्रावधानों का पूर्णतया उल्लंघन भाजपा की प्रदेश सरकार कर रही है।”
कांग्रेस नेता ने कहा,“पिछले दो वर्ष से ग्रामीण राजस्थान के विकास के लिये किसी प्रकार की राशि पंचायती राज संस्थाओं को नहीं मिल रही है और ग्रामीण क्षेत्रों का विकास भाजपा सरकार ने पूरी तरह ठप्प कर दिया है।”
उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से देश के गरीब, पिछड़े, दलित, युवा और अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण का काम हुआ था जिसे भाजपा मिटाना चाहती है।
डोटासरा ने यह भी आरोप लगाया,“भाजपा को गरीब और ग्रामीण विकास से कोई सरोकार नहीं है। केन्द्र सरकार ने ग्रामीण भारत की जीवनदायिनी 'मनरेगा' योजना को ही समाप्त कर दिया और गरीब के हितों पर जबरदस्त कुठाराघात किया है।”
उन्होंने कहा, “राज्य की जनता भाजपा का षड्यंत्र समझ चुकी है और कितनी भी बेईमानी भाजपा कर ले अंत में वोट तो जनता को ही देना है। चुनावों में भाजपा से पूरा बदला प्रदेशवासी लेंगे।”
कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने इस अवसर पर कहा कि पार्टी में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बड़े बदलाव किए हैं और अब किसी की सिफारिश पर नहीं बल्कि योग्यता के आधार पर टिकट दिए जायेंगे।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया,“केन्द्र सरकार ने मनरेगा योजना समाप्त कर गरीब को मारने का काम किया है। मनरेगा योजना से देश में आधारभूत ढांचा बना था, गांव में समृद्धि आई थी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त हुई थी, किन्तु भाजपा की केन्द्र सरकार ने इस योजना को धीरे-धीरे समाप्त किया है।”
उन्होंने कहा कि भाजपा की मानसिकता गरीब विरोधी है और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में भाजपा को हराकर इस सरकार का इलाज करना आवश्यक है।