ऑपरेशन विजय स्मृति में निकली बाइक रैली

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 04-08-2026
Bike rally held to commemorate Operation Vijay
Bike rally held to commemorate Operation Vijay

 

द्रास (लद्दाख)।

भारतीय सेना की रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी ने ऑपरेशन विजय की 27वीं वर्षगांठ और रेजिमेंट की स्थापना के 200 गौरवशाली वर्षों के उपलक्ष्य में द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक से एक विशेष मोटरसाइकिल अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने और देश की सीमाओं की रक्षा में जुटे सैनिकों के अदम्य साहस और समर्पण को सम्मानित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

इस ऐतिहासिक अभियान में 20 मोटरसाइकिल सवार शामिल हैं, जिनका चयन उन सैन्य इकाइयों से किया गया है जिन्होंने कारगिल युद्ध के दौरान बहादुरी से दुश्मन का सामना किया था। यह दल लद्दाख के विभिन्न ऐतिहासिक युद्धस्थलों, तोपखाना क्षेत्रों और सीमावर्ती घाटियों से होकर गुजरेगा तथा उन स्थानों का दौरा करेगा, जहां भारतीय सैनिकों ने ऑपरेशन विजय के दौरान वीरता का अद्वितीय परिचय दिया था।

मोटरसाइकिल अभियान को आर्टिलरी ब्रिगेड के डिप्टी जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) ने कारगिल युद्ध स्मारक, द्रास से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर द्रास के डिप्टी कमिश्नर, पार्षद अब्दुल समद, एनसीसी कैडेट, सेना के वरिष्ठ अधिकारी, जवान तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। समारोह में सेना और लद्दाख के लोगों के बीच मजबूत विश्वास और सहयोग की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

यह अभियान मेजर जनरल अरविंद यादव, वीएसएम, अतिरिक्त महानिदेशक एवं रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी के कर्नल कमांडेंट के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है। यात्रा के दौरान प्रतिभागी लद्दाख के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर ऑपरेशन विजय से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा करेंगे और स्थानीय लोगों से संवाद भी स्थापित करेंगे।

भारतीय सेना के अनुसार, यह अभियान केवल एक मोटरसाइकिल यात्रा नहीं, बल्कि कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों द्वारा प्रदर्शित अद्वितीय साहस, बलिदान और राष्ट्रभक्ति का जीवंत स्मरण है। साथ ही यह रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी की समृद्ध परंपरा, गौरवशाली इतिहास और राष्ट्र रक्षा में उसके महत्वपूर्ण योगदान को भी रेखांकित करता है।

अभियान के दौरान रेजिमेंट का आदर्श वाक्य "सर्वत्र इज्जत-ओ-इकबाल" (Sarvatra Izzat-O-Iqbal) पूरी यात्रा की प्रेरणा बना रहेगा। इसी भावना के साथ मोटरसाइकिल सवार उन दुर्गम पहाड़ी रास्तों और युद्ध क्षेत्रों से गुजरेंगे, जहां भारतीय सेना ने 1999 के कारगिल युद्ध में असाधारण वीरता और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया था।

यह विशेष अभियान लद्दाख के विभिन्न इलाकों से गुजरते हुए 14 अगस्त को अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचेगा। समापन समारोह में लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना अभियान का औपचारिक स्वागत (फ्लैग-इन) करेंगे।

द्रास में आयोजित शुभारंभ समारोह में स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर भारतीय सेना के प्रति अपना सम्मान और समर्थन व्यक्त किया। लोगों ने कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और मोटरसाइकिल अभियान में शामिल सैनिकों का उत्साहवर्धन किया।

भारतीय सेना का यह अभियान न केवल देश के सैन्य इतिहास के एक स्वर्णिम अध्याय ऑपरेशन विजय की याद को जीवित रखता है, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय सैनिकों के त्याग, साहस और राष्ट्रसेवा की भावना से भी परिचित कराता है। यह यात्रा उन वीर जवानों को नमन है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया और उन सैनिकों के प्रति सम्मान का प्रतीक भी है, जो आज भी देश की सीमाओं पर सतर्कता के साथ राष्ट्र की सुरक्षा में जुटे हुए हैं।