आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार का संप्रभु बहुभाषी एआई इंजन ‘भारतजेन’ इस माह के अंत तक पाठ-आधारित सेवाओं का कार्य पूरा कर लेगा।
सिंह ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि भारतजेन एआई का विकास एक गतिशील प्रक्रिया है तथा इसमें आगे और भाषाएं एवं बोलियां भी जोड़ी जा सकती हैं।
पूरक प्रश्नों के जवाब में सिंह ने कहा, “हम पहले ही 15 भाषाओं का कार्य पूरा कर चुके हैं। इस महीने के भीतर ही 22 (आधिकारिक) भाषाओं का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस प्रकार इस माह तक सभी 22 भाषाओं में टेक्स्ट (पाठ) मॉड्यूल तैयार हो जाएगा, जबकि 15 भाषाओं में स्पीच और विज़न मॉड्यूल भी उपलब्ध होंगे।”
सिंह भारतीय जनता पार्टी के सदस्य भुवनेश्वर कालिता के पूरक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे।
अक्टूबर 2024 में शुरू की गई ‘भारतजेन’ एक सरकारी परियोजना है, जिसका उद्देश्य एक संप्रभु एआई मॉडल विकसित करना है। इसके तहत भारतीय भाषाओं के लिए ‘ऑटोमैटिक स्पीच रिकग्निशन’ (एएसआर) और ‘टेक्स्ट-टू-स्पीच’ (टीटीएस) जैसी सेवाएं प्रदान की जाएंगी।