नई दिल्ली/कोलकाता
Bharatiya Janata Party ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए 144 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में सबसे बड़ा और चर्चित फैसला मुख्यमंत्री Mamata Banerjee के गढ़ माने जाने वाले Bhabanipur से विपक्ष के नेता Suvendu Adhikari को उम्मीदवार बनाना है। खास बात यह है कि शुभेंदु अधिकारी अपनी मौजूदा सीट Nandigram से भी चुनाव लड़ेंगे।
पार्टी की इस रणनीति को राजनीतिक विश्लेषक बंगाल की चुनावी लड़ाई को ‘ममता बनर्जी बनाम शुभेंदु अधिकारी’ के रूप में पेश करने की कोशिश मान रहे हैं। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होने हैं।
नंदीग्राम सीट बंगाल की राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। वर्ष 2007 में भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन का केंद्र यही इलाका था, जिसने ममता बनर्जी के सत्ता में आने की राह बनाई थी। लेकिन 2021 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने इसी सीट पर ममता बनर्जी को लगभग 1,900 वोटों से हराकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया था।
दूसरी ओर भबानीपुर को ममता बनर्जी का मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता है। 2021 में हुए उपचुनाव में ममता बनर्जी ने यहां से 58 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। ऐसे में भाजपा द्वारा इस सीट से शुभेंदु अधिकारी को मैदान में उतारना एक प्रतीकात्मक और आक्रामक राजनीतिक कदम माना जा रहा है।
उम्मीदवारी घोषित होने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि वे दोनों सीटों से जीत दर्ज करेंगे और एक बार फिर ममता बनर्जी को हराएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य में सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress को उसके मजबूत क्षेत्रों में भी चुनौती देने के लिए तैयार है।
भाजपा की पहली सूची में संगठनात्मक स्थिरता पर भी जोर दिखाई देता है। पार्टी ने 41 मौजूदा विधायकों को फिर से टिकट दिया है। इनमें आसनसोल दक्षिण से अग्निमित्रा पॉल, साल्टोरा से चंदना बाउरी और डबग्राम-फुलबाड़ी से शिखा चटर्जी जैसे नाम शामिल हैं।
इसके अलावा भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Dilip Ghosh को एक बार फिर खड़गपुर सदर से उम्मीदवार बनाया गया है, जबकि पूर्व राज्यसभा सदस्य Swapan Dasgupta को दक्षिण कोलकाता की रासबिहारी सीट से मैदान में उतारा गया है।
पार्टी ने इस सूची में सामाजिक विविधता पर भी ध्यान दिया है। 144 उम्मीदवारों में 11 महिलाएं शामिल हैं और 36 सीटों पर 40 वर्ष से कम उम्र के उम्मीदवारों को मौका दिया गया है। इसके अलावा कई उम्मीदवार शिक्षण, कानून, चिकित्सा, सामाजिक कार्य और सशस्त्र बलों जैसे पेशेवर क्षेत्रों से आते हैं।
भाजपा की यह सूची ऐसे समय में जारी हुई है जब राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक विवाद भी जारी है। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के इस कदम को केवल “राजनीतिक नाटक” बताते हुए दावा किया है कि भबानीपुर में मुख्यमंत्री को मजबूत जनसमर्थन हासिल है।





