इजराइल का मजबूत समर्थक होना प्रधानमंत्री मोदी की अत्यधिक नैतिक कायरता का प्रदर्शन: कांग्रेस

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 29-05-2026
Being a strong supporter of Israel shows extreme moral cowardice of PM Modi: Congress
Being a strong supporter of Israel shows extreme moral cowardice of PM Modi: Congress

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर इजराइल के सबसे मजबूत समर्थक के रूप में खड़े होकर ‘‘अत्यंत नैतिक कायरता’’ प्रदर्शित करने का शुक्रवार को आरोप लगाया और कहा कि उनका रुख उन सभी मूल्यों के साथ ‘‘विश्वासघात’’ है जिनके लिए भारत खड़ा है।

कांग्रेस की यह टिप्पणी ऐसे समय आई जब इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वेस्ट बैंक में एक सम्मेलन के दौरान कथित तौर पर कहा कि भारत को छोड़कर पूरी दुनिया में इजराइल की वैधता पर सवाल उठाए गए।
 
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने न कभी ईरान के सर्वोच्च नेता व अन्य शीर्ष नेताओं की लक्षित हत्या की निंदा की, न गाजा में जारी इजराइली नरसंहार व तबाही की निंदा की और न ही लेबनान पर इजराइल की बमबारी के खिलाफ सार्वजनिक रूप से कोई कड़ा विरोध जताया।
 
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी, प्रधानमंत्री नेतन्याहू के सबसे मजबूत समर्थक के रूप में सामने आए हैं। इजराइल मोदानी समूह के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने अत्यधिक नैतिक कायरता का प्रदर्शन किया है और उनका यह रुख उन सभी मूल्यों के साथ विश्वासघात है, जिनके लिए भारत खड़ा रहा है। यह करोड़ों भारतीयों के लिए शर्मनाक और अस्वीकार्य है।’’
 
कांग्रेस नेता ने रेखांकित किया कि नेतन्याहू ने कहा है कि भारत को छोड़कर पूरी दुनिया में इजराइल को वैधता के संकट का सामना करना पड़ रहा है।
 
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अधिक सटीक बात यह होती कि यह समर्थन पूरे भारत में नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के इकोसिस्टम में है।’’
 
रमेश ने दावा किया मोदी ने 28 फरवरी 2026 को अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर भारी हवाई बमबारी शुरू किए जाने से ठीक दो दिन पहले इजराइल के साथ बेहद गर्मजोशी और घनिष्ठता दिखाई थी।
 
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने कभी भी ईरान के राष्ट्राध्यक्ष और अन्य शीर्ष नेताओं की लक्षित हत्या की निंदा नहीं की। प्रधानमंत्री मोदी ने न तो गाजा में जारी इजराइली नरसंहार और तबाही की निंदा की है और न ही लेबनान पर इजराइल की बमबारी के खिलाफ सार्वजनिक रूप से कोई कड़ा विरोध जताया है।’’
 
कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक में लाखों फलस्तीनियों को जबरन बेदखल और विस्थापित किए जाने पर भी पूरी तरह चुप्पी साध रखी है। यहां तक कि इजराइल में रहने वाले फलस्तीनियों के नागरिक अधिकारों को जिस तरह सीमित किया गया है, उस पर भी उन्होंने कुछ नहीं कहा।’’