आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
तेलंगाना के मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन और सेवानिवृत्त प्रोफेसर एम. कोदंडराम ने राज्यपाल के कोटे से विधान परिषद के सदस्य (एमएलसी) के रूप में सोमवार को शपथ ली।
तेलंगाना विधान परिषद के अध्यक्ष गुथा सुखेन्द्र रेड्डी ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों और अन्य नेताओं की उपस्थिति में दोनों को शपथ दिलाई।
शपथ लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत में पूर्व क्रिकेटर अजहरुद्दीन ने कांग्रेस नेताओं मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मुख्यमंत्री रेड्डी और राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल का आभार व्यक्त किया।
अजहरुद्दीन ने कहा कि मुख्यमंत्री अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए कई उपाय कर रहे हैं, और वह मंत्री के रूप में उनके और समाज के अन्य वर्गों के लिए काम करना चाहेंगे।
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने आरोप लगाया था कि उन्हें पिछले साल जुबली हिल्स उपचुनाव में मुस्लिम वोट हासिल करने के लिए मंत्री बनाया गया था और उन्हें इस पद पर बरकरार नहीं रखा जाएगा।
इन आरोपों पर अजहरुद्दीन ने कहा कि एमएलसी के रूप में उनका नामांकन ऐसी टिप्पणियों के लिए एक ‘‘तमाचे’’ की तरह है और मुख्यमंत्री रेड्डी अल्पसंख्यकों के विकास के लिए कई कार्यक्रम चला रहे हैं।
जब उन्हें बताया गया कि अगर राज्यपाल ने अप्रैल के अंत तक उनके नामांकन को मंजूरी नहीं दी होती, तो उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ता, इस पर अजहरुद्दीन ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री रेड्डी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है।