नई दिल्ली
एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली उड़ान में आए भीषण टर्बुलेंस की घटना को विमानन विशेषज्ञ कैप्टन प्रशांत ढल्ला ने बेहद गंभीर और जानलेवा करार दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में विमान का ऑटोपायलट सिस्टम भी निष्क्रिय हो सकता है और पायलटों के लिए विमान को नियंत्रित करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। उन्होंने मामले की विस्तृत जांच के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से जांच समिति गठित करने की मांग की।
एएनआई से बातचीत में कैप्टन ढल्ला ने कहा, "यह विमानन क्षेत्र की बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। टर्बुलेंस को हल्के, मध्यम, तेज और गंभीर श्रेणियों में बांटा जाता है। जब विमान गंभीर टर्बुलेंस में फंसता है तो उसका ऑटोपायलट सिस्टम स्वतः बंद हो जाता है। ऐसी स्थिति में पायलट के लिए विमान के नियंत्रण तक पहुंचना भी मुश्किल हो सकता है।"
उन्होंने कहा कि गंभीर टर्बुलेंस यात्रियों और चालक दल के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। "इस घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई यात्रियों के सिर में चोटें आई हैं और विमानन क्षेत्र में सिर की चोटों को बेहद गंभीर माना जाता है।"
कैप्टन ढल्ला ने विश्वास जताया कि डीजीसीए इस घटना की जांच के लिए एक समिति गठित करेगा और पूरे मामले की विस्तृत जांच की जाएगी।
मंगलवार को एयर इंडिया की फुकेट से दिल्ली आ रही उड़ान AI2379 क्रूज़ के दौरान अचानक ऊंचाई में तेज गिरावट का शिकार हुई। हालांकि, घटना के बाद विमान सामान्य रूप से उड़ान भरता रहा और भारतीय समयानुसार सुबह 11:07 बजे सुरक्षित दिल्ली हवाई अड्डे पर उतर गया।
एयरबस A320neo विमान में कुल 137 यात्री और आठ चालक दल के सदस्य सवार थे। घटना में 13 यात्री और चार क्रू सदस्य घायल हो गए, जिन्हें चिकित्सकीय जांच और उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एयर इंडिया के अनुसार, 4 अगस्त शाम 6:50 बजे तक पांच यात्रियों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी, जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है।
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, "फुकेट से दिल्ली आ रही उड़ान AI2379 क्रूज़ के दौरान अचानक ऊंचाई में आई गिरावट से प्रभावित हुई। इस क्षणिक घटना के बाद विमान ने सामान्य उड़ान जारी रखी और सुरक्षित दिल्ली पहुंच गया। हमारी टीमें अस्पतालों में मौजूद हैं और प्रभावित यात्रियों व उनके परिवारों के लगातार संपर्क में हैं। उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा एवं कुशलक्षेम हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जांच पूरी होने तक हम संबंधित अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करेंगे।"