आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने असम के नलबाड़ी जिले में एक ईंट भट्ठे और एक ‘स्टोन क्रशर’ इकाई के अनिवार्य वैधानिक अनुमति प्राप्त करने तथा पर्यावरणीय मानकों का पालन करने तक संचालन पर रोक लगा दी है।
यह आदेश हाल में न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य ईश्वर सिंह की अगुवाई वाली पीठ ने पारित किया।
अधिकरण की कोलकाता पीठ ने निर्देश दिया कि नलबाड़ी जिले के चेंगनोई स्थित ‘जेपीआईएस ब्रिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट’ और ‘पीएएसए स्टोन क्रशर यूनिट’ संचालित नहीं होंगी, जब तक कि वे असम राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एएसपीसीबी) से संचालन की वैध सहमति सहित सभी आवश्यक वैधानिक अनुमति प्राप्त नहीं कर लेतीं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और एएसपीसीबी द्वारा निर्धारित पर्यावरणीय दिशानिर्देशों का भी उन्हें पूर्ण रूप से पालन करना होगा।
‘स्टोन क्रशर’ एक ऐसी मशीन है, जिसका उपयोग बड़े पत्थरों को तोड़कर बजरी बनाने के लिए किया जाता है।