आर्टेमिस-2 मिशन वापसी के आधे रास्ते पर, स्प्लैशडाउन की तैयारी तेज

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 10-04-2026
Artemis II Mission Halfway Back; Splashdown Preparations Intensify
Artemis II Mission Halfway Back; Splashdown Preparations Intensify

 

वॉशिंगटन

नासा का ऐतिहासिक आर्टेमिस-2 मिशन अब अपनी वापसी यात्रा के अहम चरण में पहुंच चुका है। अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, चार सदस्यीय दल चंद्रमा से पृथ्वी की ओर लौटते हुए “आधे रास्ते” तक पहुंच गया है और अब प्रशांत महासागर में निर्धारित स्प्लैशडाउन की तैयारी कर रहा है।

नासा ने जानकारी दी कि आर्टेमिस-2 के अंतरिक्ष यात्री 10 अप्रैल (अमेरिकी समयानुसार) को सैन डिएगो तट के पास समुद्र में उतरेंगे। स्प्लैशडाउन के बाद अमेरिकी नौसेना का जहाज यूएसएस जॉन पी. मर्था (LPD 26) दल और ओरियन अंतरिक्ष यान को सुरक्षित बाहर निकालेगा।

इस मिशन ने एक नया इतिहास रचते हुए मानव अंतरिक्ष उड़ान की सबसे लंबी दूरी का रिकॉर्ड तोड़ा है। आर्टेमिस-2 के अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से 2,52,756 मील (लगभग 4,06,771 किलोमीटर) दूर तक पहुंचे, जो अपोलो-13 मिशन के पुराने रिकॉर्ड से भी अधिक है। चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से से गुजरते हुए इस उपलब्धि को हासिल किया गया।

मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरिक्ष से सूर्य ग्रहण का दुर्लभ दृश्य भी देखा, जो इस यात्रा का एक अनूठा अनुभव रहा। इस दल में नासा के अंतरिक्ष यात्री रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर और क्रिस्टीना कोच के साथ कनाडा के जेरेमी हैनसन शामिल हैं।

आर्टेमिस-2, नासा के महत्वाकांक्षी आर्टेमिस कार्यक्रम का पहला मानवयुक्त परीक्षण मिशन है, जिसका उद्देश्य भविष्य में इंसानों को फिर से चंद्रमा पर भेजना और आगे चलकर मंगल ग्रह तक पहुंचने की तैयारी करना है। इस मिशन के जरिए अंतरिक्ष यान की क्षमता, सुरक्षा प्रणाली और आपातकालीन प्रक्रियाओं का परीक्षण भी किया गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि यह मिशन नई पीढ़ी को अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने इसे अमेरिका की चंद्रमा पर वापसी और भविष्य में मंगल मिशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

करीब 50 वर्षों बाद चंद्रमा के आसपास किया गया यह मानवयुक्त मिशन अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिख रहा है और आने वाले समय में गहरे अंतरिक्ष अभियानों की नींव मजबूत कर रहा है।