Army's Initiative During Ramadan: Brotherhood Strengthened Through Iftar in Jammu & Kashmir
नई दिल्ली/पुंछ
रमज़ान के पवित्र महीने में भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों में इफ्तार पार्टियों का आयोजन कर सामाजिक सौहार्द और आपसी विश्वास को मजबूत करने की दिशा में अहम भूमिका निभा रही है। इसी क्रम में सोमवार को पुंछ जिले में तैनात सेना की सरला बटालियन ने भव्य इफ्तार कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें सैकड़ों रोज़ेदारों ने हिस्सा लिया और जवानों के साथ रोजा खोला।
भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा के निकट स्थित पुंछ जिले में आयोजित इस इफ्तार में सीमावर्ती इलाकों के गणमान्य नागरिक, पूर्व सैनिक और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। रोजा इफ्तार के बाद सभी ने नमाज़ अदा कर क्षेत्र में शांति, अमन और भाईचारे के लिए दुआ की।
स्थानीय लोगों ने सेना के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल हर साल न केवल रोज़ेदारों को एक मंच पर लाती है, बल्कि समुदायों के बीच आपसी जुड़ाव को भी मजबूत करती है।
करमरहा गांव के निवासी चौधरी फजल ने बताया कि इस आयोजन में मुस्लिम, हिंदू और सिख समुदाय के लोगों को आमंत्रित किया गया था, जिससे आपसी मेल-जोल और एकता का संदेश और मजबूत हुआ। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ समाज में विश्वास और सहयोग की भावना भी बनाए रख रही है।
सेना की यह पहल केवल पुंछ तक सीमित नहीं है। सोमवार को श्रीनगर, कश्मीर घाटी के अन्य हिस्सों और सीमावर्ती जिलों में भी अलग-अलग बटालियनों ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में इफ्तार कार्यक्रम आयोजित किए। इन आयोजनों में बच्चे, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए।
इसके अलावा कुपवाड़ा में भी सेना ने इफ्तार पार्टी का आयोजन कर सैकड़ों रोज़ेदारों के साथ रोजा खोला। वहीं, लद्दाख के कारगिल में ‘कारगिल सेंटिनल्स’ (121 इन्फैंट्री ब्रिगेड) द्वारा कारगिल सैनिक संस्थान में आयोजित इफ्तार कार्यक्रम ने भी सामुदायिक संबंधों को नई मजबूती दी।
स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे आयोजन सेना और आम नागरिकों के बीच विश्वास को गहरा करते हैं और क्षेत्र में शांति एवं भाईचारे का माहौल बनाए रखने में सहायक सिद्ध होते हैं।