क्या मांस और डेरी उत्पादों के विकल्पों से लोगों का मोहभंग हो रहा है?

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 17-06-2026
Are people becoming disillusioned with alternatives to meat and dairy products?
Are people becoming disillusioned with alternatives to meat and dairy products?

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 हमारे बड़े किराना स्टोर की अलमारियां मांस और डेरी उत्पादों से भरी रहती हैं। इनमें पनीर और दूध से लेकर कीमा बनाया हुआ गोमांस तक शामिल है।

औसतन आस्ट्रेलियाई हर साल 22 किलोग्राम से अधिक मांस और 90 किलोग्राम डेरी उत्पादों का सेवन करता है, लेकिन पिछले पांच वर्षों के दौरान ऑस्ट्रेलियाई नागरिक तेजी से वैकल्पिक प्रोटीन की ओर रुख कर रहे हैं। दस में से छह आस्ट्रेलियाई ने कहा कि उन्होंने पौधा-आधारित उत्पादों को या तो आजमाया है या वे उन्हें आजमाने में रुचि रखते हैं।
 
इसके पीछे ऐसे प्रमाण हैं, जिनसे पता चलता है कि पौधों पर आधारित आहार स्वास्थ्य और पर्यावरण, दोनों के लिए लाभकारी हो सकता है। पौधों पर आधारित आहार का अर्थ ऐसे भोजन से है जिसमें पशु उत्पाद शामिल नहीं होते हैं और जो बहुत कम प्रसंस्कृत होता है।
 
जैसे-जैसे पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ी, वैसे-वैसे ऐसे रेस्तरां और वैकल्पिक प्रोटीन उत्पादों का बाजार भी बढ़ता गया। वर्ष 2022 में ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय विज्ञान एजेंसी ‘सीएसआईआरओ’ ने अपना ‘प्रोटीन रोडमैप’ जारी किया था, जिसमें अनुमान लगाया गया था कि 2030 तक वैकल्पिक प्रोटीन का बाजार 13 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का हो जाएगा।
 
हालांकि, हाल के रुझान बताते हैं कि अब लोग मांस और डेरी विकल्पों में पहले जैसी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
 
 
रेस्तरां बंद हो रहे हैं और उत्पाद बाजार से गायब हो रहे
 
 
पिछले एक दशक के दौरान ऐसा लग रहा था कि ऑस्ट्रेलिया खाद्य क्षेत्र में एक बड़े बदलाव की दहलीज पर है, क्योंकि देशभर में पौधों पर आधारित कारोबार तेजी से शुरू हो रहे थे।
 
हालांकि, अब यह रुझान लगभग थम गया है। अकेले सिडनी में पिछले तीन वर्षों के दौरान पौधों पर आधारित भोजन परोसने वाले 10 से अधिक उच्च श्रेणी के रेस्तरां बंद हो चुके हैं। इनमें सिडनी का पहला शाकाहारी पब ‘द ग्रीन लायन’ भी शामिल है, जो अब केवल भोजन पैक करके ग्राहक को देने और व्यावसायिक कैटरिंग सेवा का काम कर रहा है।