आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
फिल्म निर्माता अनिक दत्ता का पार्थिव शरीर शुक्रवार को कोलकाता स्थित राज्य फिल्म केंद्र नंदन लाया गया, जहां बंगाली फिल्म जगत के सदस्य, राजनीतिक नेता और उनके प्रशंसक अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए।
राज्य संचालित फिल्म परिसर में एक शववाहन में फूलों से सजा दत्ता का पार्थिव शरीर रखा गया। कई अभिनेता, निर्देशक और सार्वजनिक हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनकी बेटी राइ अंतिम यात्रा में साथ थीं।
दत्ता को श्रद्धांजलि देने वालों में अभिनेता-विधायक रुद्रनील घोष, अभिनेत्री पापिया अधिकारी, फिल्म निर्माता श्रीजीत मुखर्जी, अभिनेता-निर्देशक अंजन दत्त, अभिनेत्री बिदिप्ता चक्रवर्ती, भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी, वरिष्ठ वामपंथी नेता बिमान बोस और कई अन्य लोग शामिल थे।
इस दौरान लॉकेट चटर्जी ने कहा कि बंगाली सिनेमा में दत्ता के योगदान को वर्षों तक याद रखा जाएगा।
पूर्व भाजपा सांसद ने कहा, "अनिक दा ने अपनी फिल्मों के माध्यम से लोगों के विचारों को व्यक्त किया। हमें यह आवाज अब सुनाई नहीं देगी। उनके निधन से जो रिक्तता उत्पन्न हुई है, उसे भरा नहीं जा सकता।"
दत्ता की कुछ फिल्मों को पिछली सरकार के कार्यकाल में नंदन में प्रदर्शित नहीं होने देने के आरोपों का उल्लेख करते हुए चटर्जी ने कहा, ''पिछले 15 वर्षों में उनकी कुछ फिल्मों को यहां दिखाने का अवसर नहीं दिया गया। मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी। कलाकारों को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए और कला के मामलों में कोई राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। लोकतंत्र में हर किसी को अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है, इसका अर्थ यह नहीं कि किसी पर प्रतिबंध लगाया जाए या उसे अवसर से वंचित किया जाए।''
अभिनेत्री पापिया अधिकारी ने भी पूर्व प्रशासन की आलोचना करते हुए दावा किया कि दत्ता को अपने काम के कारण पेशेवर बाधाओं का सामना करना पड़ा था।
अधिकारी ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वे उस समय को देखने के लिए जीवित नहीं रह सके, जब सभी प्रकार की फिल्में और वृत्तचित्र स्वतंत्र रूप से प्रदर्शित किए जा सकेंगे। उन्हें अत्यधिक मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा। हमने एक उत्कृष्ट फिल्मकार को खो दिया है।”
अभिनेत्री और भाजपा विधायक रूपा गांगुली ने किसी का नाम लिए बिना संकेत दिया कि दत्ता को लंबे समय तक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था।