An 11-member Indian team has reached Kathmandu to assist in flood relief and rescue operations in Nepal.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद स्थानीय अधिकारियों की सहायता के लिए 11 सदस्यीय भारतीय टीम शनिवार को काठमांडू पहुंची। इस प्राकृतिक आपदा में 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 2,000 लोग अब भी लापता हैं।
भारतीय दूतावास के सूत्रों के अनुसार, नेपाल सरकार के अनुरोध पर इस टीम को भेजा गया है, जिसमें चिकित्साकर्मी और बचाव विशेषज्ञ शामिल हैं।
टीम को नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जा रहा है, जहां व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
बुधवार को रसुवा और मध्य नेपाल के अन्य हिस्सों में आई भीषण बाढ़ के कारण 500 से अधिक लोगों की जान चली गई और मानव बस्तियों, सड़कों, पुलों तथा जलविद्युत बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है।
नेपाल ने शुक्रवार को कहा था कि वह अपने सुरक्षाबलों की अधिकतम तैनाती को ‘‘प्राथमिकता’’ देना चाहता है, जो स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों और दुर्गम इलाकों से अच्छी तरह परिचित हैं।
हालांकि, विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि सरकार उन जटिल मामलों में अंतरराष्ट्रीय सहायता लेने के लिए तैयार है, जहां अत्यंत कठिन संरचनाओं के लिए विशेष तकनीकी कौशल की आवश्यकता है।
नेपाल ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में परिवहन सेवाएं फिर से शुरू करने के लिए भारत और चीन से 42 ‘बेली ब्रिज’ बनाने में मदद का अनुरोध किया था।
बेली ब्रिज ऐसे पुल ऐसे होते हैं जिन्हें भारी मशीनरी या विशेष उपकरणों के बिना भी तेजी से जोड़कर तैयार किया जा सकता है।