An inquiry will be conducted into the ongoing mining activities in the state: Shivakumar
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
बेंगलुरु दक्षिण तालुक में हुए खदान हादसे में आठ मजदूरों की मौत के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह इस बात की जांच करेंगे कि राज्य में खनन गतिविधियां मानदंडों के अनुसार की जा रही हैं या नहीं।
इस हादसे में मारे गए श्रमिकों में अधिकतर बिहार के निवासी थे।
मुख्यमंत्री ने हादसे में लोगों की मौत होने पर दुख व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘हम पूरे राज्य में खदान गतिविधियों के लिए नए दिशानिर्देश जारी करेंगे। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि ऐसी घटना दोबारा न हो।’’
शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को घटनास्थल पर भेजा है। अधिकारी वहां मौजूद हैं और अपनी रिपोर्ट सौंप रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘शुरुआती सूचना में सात लोगों की मौत की बात सामने आई है । पहली रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि यह घटना विस्फोट के कारण नहीं, बल्कि मिट्टी के कटाव के कारण हुई है। मैं इस पर एक विस्तृत रिपोर्ट लूंगा।’’
जब पत्रकारों ने उनसे अनुग्रह राशि के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि मुआवजा इस समय पहली प्राथमिकता नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम परिवारों को निश्चित रूप से मुआवजा प्रदान करेंगे, इसमें कोई संदेह नहीं है लेकिन मेरी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कर्नाटक में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।’’
इस बीच, यशवंतपुर के विधायक एस.टी. सोमशेखर ने पुष्टि की कि आठवें मजदूर की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने यहां पत्रकारों से कहा कि वह इस मामले में पूरी जानकारी जुटाएंगे और यदि राजस्व विभाग से संबंधित कोई भी बात सामने आती है, तो वह तुरंत कार्रवाई करेंगे। परमेश्वर के पास राजस्व विभाग का भी प्रभार है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह पता लगाने की आवश्यकता है कि ये मंजूरियां कौन देता है। वर्तमान में, उपायुक्त और खनन विभाग के अधिकारी इन्हें मंजूरी देते हैं। हम मामले की जांच करेंगे और अपनी जांच के आधार पर जो भी आवश्यक होगा, वह कार्रवाई करेंगे।’’
उपमुख्यमंत्री ने पूरे राज्य में खदानों में हो रही अवैध गतिविधियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इन्हें रोकने के लिए जो भी कदम उठाने की आवश्यकता होती, वे उठाए जाएंगे।