अदाणी को लाभ पहुंचाने का आरोप: माकपा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 04-07-2026
Allegations of benefiting Adani: CPI(M)
Allegations of benefiting Adani: CPI(M)

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
केरल में विपक्षी दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने शनिवार को आरोप लगाया कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी दिव्या एस. अय्यर को हाल में विड़िण्गम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह के प्रबंध निदेशक (एमडी) पद से हटाने का उद्देश्य अदाणी समूह को लाभ पहुंचाना था।

पार्टी ने मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन से मांग की कि वह अय्यर के तबादले का कारण बताए।
 
माकपा के वरिष्ठ नेता और कन्नूर जिला सचिव के. के. रागेश ने फेसबुक पर एक पोस्ट में यह आरोप लगाया।
 
यह आरोप ऐसे समय में लगाया गया है, जब बंदरगाह की रियायतधारक कंपनी ‘अदाणी विड़िण्गम पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड’ (एवीपीपीएल) में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी स्विट्जरलैंड की दिग्गज पोत परिवहन कंपनी ‘मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी’ (एमएससी) को हस्तांतरित करने संबंधी ‘अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड’ (एपीएसईजेड) के प्रस्ताव को लेकर विवाद जारी है।
 
रागेश ने आरोप लगाया कि अय्यर ने विड़िण्गम बंदरगाह रियायत समझौते के प्रावधानों में बदलाव के प्रयासों का विरोध कर राज्य के हितों की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने आरोप लगाया कि अदाणी समूह के अधिकारियों ने अय्यर को पद से हटवाने के लिए कई बार प्रयास किए थे।
 
उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने ऐसे प्रयासों को खारिज करते हुए कंपनी से कहा था कि सरकारी अधिकारियों से जुड़े मामलों पर सरकार ही निर्णय लेगी।
 
रागेश के अनुसार, सरकार बदलने के तुरंत बाद अधिकारी का तबादला कर दिया गया और उनकी जगह ऐसे अधिकारी को नियुक्त किया गया जिसे बंदरगाह प्रशासन का कोई अनुभव नहीं था।