नई दिल्ली।
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक बड़ा विमानन हादसा टल गया, जब अकासा एयर का एक विमान रनवे पर खड़ा होने के दौरान दूसरी एयरलाइन के विमान से हल्के संपर्क में आ गया। घटना के बाद एहतियातन अकासा एयर की दिल्ली-हैदराबाद फ्लाइट को वापस बे पर ले जाया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया।
एयरलाइन के प्रवक्ता के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अकासा एयर का विमान स्थिर अवस्था में था, तभी दूसरी एयरलाइन का विमान टैक्सी करते हुए उससे टकरा गया। हालांकि, इस घटना में किसी यात्री या क्रू मेंबर को कोई चोट नहीं आई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
इस घटना में SpiceJet का बोइंग 737-700 विमान भी शामिल था। बताया जा रहा है कि टैक्सीिंग के दौरान स्पाइसजेट विमान के दाहिने विंगलेट को नुकसान पहुंचा, जबकि दूसरे विमान के बाएं हिस्से—हॉरिजॉन्टल स्टेबलाइजर—को भी क्षति हुई। सुरक्षा कारणों से स्पाइसजेट के इस विमान को फिलहाल दिल्ली एयरपोर्ट पर ग्राउंड कर दिया गया है।
अकासा एयर ने बताया कि सभी यात्रियों और क्रू को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और यात्रियों को जल्द से जल्द उनके गंतव्य हैदराबाद भेजने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। एयरलाइन की ग्राउंड टीम यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने में जुटी हुई है।
इस घटना ने एक बार फिर एयरपोर्ट संचालन और ग्राउंड मूवमेंट की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं दुर्लभ होती हैं और आमतौर पर सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल के कारण बड़े हादसों में नहीं बदलतीं।
इसी बीच, अकासा एयर ने मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी अपडेट दिया है। एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि जेद्दा और भारत के प्रमुख शहरों—अहमदाबाद, बेंगलुरु, मुंबई, कोच्चि और कोझिकोड—के बीच उड़ानें जारी रहेंगी। साथ ही, अबू धाबी के लिए उड़ानों की बहाली को लेकर स्थिति का लगातार आकलन किया जा रहा है।
एयरलाइन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी उड़ानों की जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप का उपयोग करें, क्योंकि मौजूदा हालात के अनुसार उड़ानों के शेड्यूल में बदलाव संभव है।
फिलहाल, दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई इस घटना की विस्तृत जांच की जा रही है। विमानन प्राधिकरण यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह टक्कर कैसे हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं।
यह घटना भले ही बिना किसी जनहानि के समाप्त हो गई हो, लेकिन इसने एयरपोर्ट सुरक्षा और संचालन की सतर्कता की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।