AI will reduce jobs in large companies, small businesses will increase employment: Nilekani
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि ने बृहस्पतिवार को कहा कि स्वचालन और कृत्रिम मेधा (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल से भारत की बड़ी एवं सुव्यवस्थित कंपनियों में आने वाले वर्षों में नौकरियां घट सकती हैं, जबकि लाखों छोटे कारोबार भविष्य में रोजगार सृजन का प्रमुख आधार बनेंगे।
'एनसीएईआर इंडिया पॉलिसी फोरम-2026' को संबोधित करते हुए नीलेकणि ने कहा कि रोजगार सृजन को लेकर देश की सोच में बुनियादी बदलाव की जरूरत है।
नीलेकणि नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) के संचालन मंडल के चेयरमैन भी हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘बड़ी कंपनियां, जो बहुत सुव्यवस्थित ढंग से काम करती हैं, नौकरियों में कटौती के लिहाज से सबसे अधिक प्रभावित होंगी। इसका कारण यह है कि वहां हर काम कुछ तय कार्यों तक सीमित होता है, जिन्हें स्वचालन के जरिये आसानी से किया जा सकता है। इसलिए आने वाले वर्षों में बड़ी कंपनियां शुद्ध रूप से रोजगार घटाने वाली बन सकती हैं।’’
इसके विपरीत, उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था का भविष्य लाखों छोटे कारोबार क्षेत्रों में है, क्योंकि वे एआई से होने वाले बदलावों के प्रति अपेक्षाकृत अधिक सक्षम हैं।