सिर्फ AI साझेदारियों से IT शेयरों में तेजी नहीं आ सकती; राजस्व और क्रियान्वयन अहम: रिपोर्ट

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 21-10-2026
AI partnerships alone may not drive IT stocks; Revenue, execution key: Report
AI partnerships alone may not drive IT stocks; Revenue, execution key: Report

 

नई दिल्ली 
 
ICICI सिक्योरिटीज की एक रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पार्टनरशिप की घोषणाओं के बाद IT सर्विस कंपनियों के शेयरों में आई तेजी, उनके वास्तविक व्यावसायिक फायदों से कहीं ज्यादा हो सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि अब इस तरह की पार्टनरशिप काफी आम होती जा रही हैं। "AI पार्टनरशिप टियर अब एक सामान्य जरूरत बन गए हैं; असली फर्क काम के क्रियान्वयन (execution) से आता है" - अपनी इस रिपोर्ट में ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि निवेशक अब केवल पार्टनरशिप की घोषणाओं के बजाय, AI के वास्तविक इस्तेमाल (deployments), रेवेन्यू में बढ़ोतरी और मुनाफे पर ज्यादा ध्यान देंगे।
 
रिपोर्ट में कहा गया है, "चूंकि इन स्तरों (thresholds) को हासिल करना काफी आसान है, इसलिए शेयरों में आई यह तेजी, उनसे मिलने वाले वास्तविक आर्थिक फायदों से कहीं ज्यादा हो सकती है।" ICICI सिक्योरिटीज ने बताया कि एक मध्यम आकार की भारतीय IT सर्विस कंपनी के शेयरों में एक ही दिन में 7% से 12% (high single-digit to low double-digit) तक की तेजी आई, जब उसने एक प्रमुख AI प्रदाता के साथ 'मिड-टियर' पार्टनरशिप की घोषणा की। हालांकि, ब्रोकरेज ने चेतावनी दी है कि पार्टनरशिप का दर्जा मिलने का मतलब यह नहीं है कि कंपनी को व्यावसायिक सफलता मिल ही जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है, "केवल 'टियर स्टेटस' (दर्जे) के बजाय, उन घोषणाओं को ज्यादा महत्व दिया जाना चाहिए जिनके साथ ठोस वादे जुड़े हों - जैसे कि अलग से बिजनेस यूनिट बनाना, बड़े पैमाने पर ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाना, या मिलकर निवेश करना।"
 
ब्रोकरेज ने बताया कि भारत की ज्यादातर बड़ी IT कंपनियां, OpenAI और Anthropic जैसे AI प्रदाताओं के साथ 'टॉप-टियर' पार्टनरशिप हासिल कर सकती हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि उनकी कुल वर्कफोर्स (कर्मचारियों की संख्या) और क्लाइंट बेस की तुलना में, इन पार्टनरशिप के लिए जरूरी शर्तें काफी कम हैं। उदाहरण के लिए, Anthropic के 'ग्लोबल प्रीमियर टियर' के लिए 1,000 सर्टिफाइड प्रोफेशनल्स और तीन अलग-अलग क्षेत्रों में 'Claude' का इस्तेमाल करने वाले 100 ग्राहकों की जरूरत होती है।
 
2.2 लाख से 6 लाख कर्मचारियों वाली बड़ी IT कंपनियों के लिए, सर्टिफिकेशन की यह जरूरत उनके कुल कर्मचारियों का 0.5% से भी कम है। इसी तरह, 100 क्लाइंट्स का होना उनके कुल सक्रिय ग्राहकों का केवल 5-10% ही है। रिपोर्ट में कहा गया है, "अगले कुछ प्रमोशन साइकिल्स में, ज्यादातर बड़ी IT कंपनियां (large caps) हर प्रमुख AI मॉडल प्रदाता के साथ 'टॉप-टियर' स्तर तक पहुंच सकती हैं।" इसमें आगे कहा गया है कि एक बार जब कंपनियां ये पार्टनरशिप स्तर हासिल कर लेती हैं, तो केवल यह 'स्टेटस' उन्हें उनके प्रतिस्पर्धियों से अलग नहीं कर पाएगा।
 
रिपोर्ट के अनुसार, "एक बार ऐसा हो जाने पर, 'टियर स्टेटस' से कंपनियों के बीच कोई खास फर्क नहीं रह जाएगा। इसके बजाय, AI का कितना गहरा और व्यापक इस्तेमाल (production deployments) किया गया है और उससे कितना रेवेन्यू आ रहा है, यही चीजें ज्यादा मायने रखेंगी।" ब्रोकरेज ने AI को अपनाने से होने वाले शुरुआती वित्तीय लाभों की ओर भी इशारा किया। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने 3.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर का सालाना AI रेवेन्यू दर्ज किया, जिसमें मार्जिन कंपनी के औसत से काफी अधिक रहा। HCLTech ने बताया कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में, एडवांस्ड AI ने उसके ऑपरेटिंग मार्जिन में 32 बेसिस पॉइंट्स का योगदान दिया।
ICICI सिक्योरिटीज के अनुसार, जैसे-जैसे AI पार्टनरशिप का दायरा बढ़ेगा, IT कंपनियों के लिए इन साझेदारियों को वास्तविक कार्यान्वयन, रेवेन्यू और बेहतर मुनाफे में बदलने की क्षमता ही उनकी प्रतिस्पर्धी स्थिति तय करने वाला मुख्य कारक बन जाएगी।