कोलकाता
आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने बड़ा सामाजिक-आर्थिक ऐलान किया है। राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए चलाई जा रही लोकप्रिय लक्ष्मी भंडार योजना के तहत दी जाने वाली मासिक सहायता राशि में ₹500 की बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह बढ़ी हुई राशि फरवरी 2026 से लागू होगी।
गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार का बजट चुनावी नहीं, बल्कि जनता के लिए है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 100 दिन रोजगार योजना और आवास योजना जैसी कई केंद्रीय योजनाओं में फंड रोका गया, इसके बावजूद राज्य सरकार ने अपने वादे निभाए हैं।
ममता बनर्जी ने कहा,“हम 100 दिन रोजगार योजना और आवास योजना जैसी कई योजनाओं में नंबर वन हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने फंडिंग रोक दी। इसके बावजूद हम जनता के लिए बजट लेकर आए हैं, चुनाव के लिए नहीं। हमने जो कहा था, वही किया है।”
मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि गिग वर्कर्स के लिए एक नया पोर्टल बनाया जाएगा, जिसके जरिए वे सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे डिलीवरी पार्टनर, ऐप-आधारित कामगार और असंगठित क्षेत्र से जुड़े लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सत्तारूढ़ ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस फैसले को “बड़ा ऐलान” बताया। पार्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में सरकार महिलाओं को सम्मान और आत्मनिर्भर जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध है।
राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने 2026-27 के अंतरिम बजट की प्रमुख झलकियां साझा करते हुए कहा कि यह बजट सभी वर्गों के कल्याण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
सरकार ने गिग वर्कर्स के अलावा फ्रंटलाइन कर्मियों के लिए भी अहम घोषणाएं की हैं। अप्रैल 2026 से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायिका, आशा वर्कर, ICDS कर्मी, सिविक वॉलंटियर, ग्राम पुलिस और ग्रीन पुलिस के मानदेय में ₹1000 की मासिक बढ़ोतरी की जाएगी।
इसके साथ ही, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को 60 वर्ष की उम्र से पहले मृत्यु होने पर ₹5 लाख का एकमुश्त मुआवजा भी दिया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह ऐलान चुनावी दृष्टि से बेहद अहम है, क्योंकि ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना पहले ही राज्य की महिलाओं के बीच ममता सरकार की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में शामिल है।