आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की प्रयागराज यात्रा से पहले शनिवार को शहर में पोस्टर के जरिए राजनीतिक संदेश देने का सिलसिला तेज हो गया। एक ओर जहां राहुल गांधी के समर्थन और सरकार के खिलाफ पोस्टर लगाए गए हैं, वहीं दूसरी ओर स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल का नाम बदलकर काकोरी के शहीद ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर करने की मांग वाले पोस्टर भी कई स्थानों पर लगाए गए हैं।
संयोगवश, स्वरूपरानी नेहरू के परनाती और कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार को एसआरएन अस्पताल से कुछ ही दूरी पर स्थित केपी मैदान में छात्रों के साथ संवाद करेंगे। वहीं, शहीद ठाकुर रोशन सिंह के प्रपौत्र शरद सिंह एसआरएन अस्पताल (पूर्व में मलाका जेल) परिसर पहुंचकर अपने पूर्वज को श्रद्धांजलि देंगे और इसके बाद धरने को संबोधित करेंगे।
काकोरी ट्रेन कार्रवाई मामले में दोषी ठहराए गए ठाकुर रोशन सिंह को इसी मलाका जेल में फांसी दी गई थी।
स्वतंत्रता के बाद मलाका जेल को अस्पताल में तब्दील कर दिया गया और इसका नाम बदलकर स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल कर दिया गया।
महुआ डाबर संग्रहालय के संस्थापक डॉ. शाह आलम के नेतृत्व में एसआरएन अस्पताल में पांच अगस्त से नाम परिवर्तन की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है ।
वहीं, शहर के विभिन्न स्थानों और प्रमुख मार्गों पर कांग्रेस की ओर से पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं, जिन पर “जॉब दो या इस्तीफा दो” और “जॉब नहीं मिलेगी तो सिंहासन हिलेगा” जैसे नारे लिखे हैं।
दूसरी ओर, ठाकुर रोशन सिंह को समर्पित पोस्टरों पर लिखा है, “काकोरी के नायक ठाकुर रोशन सिंह का सम्मान करो। जहां शहीद हुए आजादी के क्रांतिकारी, उस पर भी परिवार की ही कब्जेदारी। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय का नाम अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह चिकित्सालय करो।”
हालांकि, प्रश्नपत्र लीक मुद्दे पर कथित तौर दोहरा रवैया अपनाने के लिए कुछ पोस्टर में राहुल गांधी को निशाना बनाते हुए लिखा गया- “राहुल आप प्रयागराज आए हैं, लेकिन झारखंड कब जाएंगे?”