Action demanded against art festival judge who made casteist remarks against student
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केरलम की मंत्री के. ए. तुलसी ने स्कूल कला महोत्सव के एक निर्णायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, जिन पर 17 वर्षीय दलित छात्रा के खिलाफ कथित तौर पर जातिसूचक और अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप है।
साथ ही, मंत्री ने छात्रा का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए उसे एक सरकारी कार्यक्रम में प्रस्तुति देने का अवसर भी दिया है।
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ने इस हालिया घटना के संबंध में कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखा है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने सामान्य शिक्षा और गृह मामलों के मंत्रियों को भी पत्र लिखकर आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है।
यहां कट्टक्कडा तालुक के वीरानाकावु की 12वीं कक्षा की एक छात्रा के साथ हाल ही में आयोजित स्कूल कला महोत्सव के दौरान एक निर्णायक ने कथित तौर पर जातिसूचक अपमानजनक टिप्पणियां कीं। निर्णायक पर छात्रा की त्वचा के रंग और शारीरिक बनावट को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप है।
बयान के अनुसार, छात्रा के माता-पिता ने मंत्री से मिलकर शिकायत की, जिसके बाद उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप किया। मंत्री ने अधिकारियों को छात्रा को न्याय दिलाने और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए।
छात्रा का आत्मविश्वास बहाल करने के उद्देश्य से मंत्री तुलसी ने छह दिसंबर को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के लिए आवास योजना के उद्घाटन समारोह में उसे नृत्य प्रस्तुति देने का अवसर दिलाने की व्यवस्था की है।