'तानाशाही' के खिलाफ लड़ने के लिए ‘आप’ और ‘द्रमुक’ को कांग्रेस का साथ देना चाहिए: शिवसेना (उबाठा)

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 08-10-2026
AAP and DMK should join hands with Congress to fight against dictatorship: Shiv Sena (Ubatha)
AAP and DMK should join hands with Congress to fight against dictatorship: Shiv Sena (Ubatha)

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘इंडिया’ गठबंधन के प्रदर्शन से आम आदमी पार्टी (आप) और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के दूर रहने के बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने बृहस्पतिवार को कहा कि दोनों दलों को ‘‘तानाशाही’’ के खिलाफ लड़ने के लिए कांग्रेस के साथ अपने मतभेदों को भुला देना चाहिए।
 
शिवसेना (उबाठा) के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय में कहा गया कि पूरा देश मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ प्रदर्शनों को देख रहा है।
 
इसमें कहा गया, ‘‘लेकिन आम आदमी पार्टी (आप) और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) इससे दूर हैं।’’
 
पार्टी ने कहा कि ‘आप’ के कांग्रेस के साथ मतभेद हैं, ‘‘लेकिन ‘आप’ और कांग्रेस को कम से कम देश को तानाशाही की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए एक साथ आना चाहिए।’’
 
संपादकीय में आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और निर्वाचन आयोग के साथ ‘‘कड़वा अनुभव’’ रहा है। उसने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री रहने के दौरान केजरीवाल को एक ‘‘झूठे’’ मामले में जेल भेजा गया था। इसमें कहा गया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र से मतदाताओं के नाम हटाकर केजरीवाल की हार सुनिश्चित की गई।