बिहार के बेगूसराय में सुरक्षाबलों से मुठभेड़ में वांछित नक्सली ढेर

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 01-01-2026
A wanted Naxalite was killed in an encounter with security forces in Begusarai, Bihar.
A wanted Naxalite was killed in an encounter with security forces in Begusarai, Bihar.

 

पटना।

बिहार के बेगूसराय ज़िले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक वांछित नक्सली मारा गया। पुलिस के अनुसार, मारे गए नक्सली की पहचान दयानंद मलाकार के रूप में हुई है, जो प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) की उत्तर बिहार सेंट्रल ज़ोनल कमेटी का सचिव था। उसके सिर पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ के दौरान उसके दो सहयोगियों को गिरफ्तार भी किया गया है।

बिहार पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) द्वारा जारी बयान के मुताबिक, यह मुठभेड़ बुधवार शाम बेगूसराय के तेघड़ा इलाके में हुई। गुप्त सूचना के आधार पर एसटीएफ और ज़िला पुलिस की संयुक्त टीम ने उस स्थान पर छापा मारा, जहां दयानंद मलाकार अपने साथियों के साथ छिपा हुआ था।

पुलिस के अनुसार, जब नक्सली मलाकार ने सुरक्षाबलों को अपनी ओर आते देखा, तो उसने मौके से भागने की कोशिश की और पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने आत्मरक्षा में फायरिंग की, जिसमें मलाकार घायल हो गया। मुठभेड़ के तुरंत बाद उसे नज़दीकी सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इस कार्रवाई के दौरान मलाकार के दो सहयोगियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। राहत की बात यह रही कि मुठभेड़ में किसी भी पुलिसकर्मी या सुरक्षाबल के जवान को कोई चोट नहीं आई।

पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से एक 5.56 एमएम इंसास राइफल, एक देसी पिस्तौल, 25 ज़िंदा कारतूस और 15 खोखे बरामद किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, दयानंद मलाकार उर्फ ‘छोटू’ उत्तर बिहार में नक्सली गतिविधियों का एक अहम चेहरा था और उसके खिलाफ हत्या, लूट, पुलिस पर हमले और उग्रवादी गतिविधियों से जुड़े 14 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे।

पुलिस का कहना है कि मलाकार लंबे समय से उत्तर बिहार में नक्सली नेटवर्क को सक्रिय रखने और नए कैडर की भर्ती में शामिल था। उसकी मौत को क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नक्सल विरोधी अभियान आगे भी इसी सख़्ती के साथ जारी रहेगा और उग्रवाद से जुड़े तत्वों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। इस मुठभेड़ को बिहार में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही कार्रवाई में एक अहम सफलता के रूप में देखा जा रहा है।