भस्म आरती में रंगों की छटा: उज्जैन के महाकाल मंदिर में धूमधाम से मनी होली

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 03-03-2026
A splash of colour during Bhasma Aarti: Holi celebrated with fervour at Ujjain's Mahakal Temple
A splash of colour during Bhasma Aarti: Holi celebrated with fervour at Ujjain's Mahakal Temple

 

उज्जैन (मध्य प्रदेश)।

विश्व प्रसिद्ध Shri Mahakaleshwar Temple में मंगलवार तड़के भस्म आरती के दौरान होली का पर्व आध्यात्मिक उल्लास और रंगों की छटा के साथ मनाया गया। सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही गर्भगृह गुलाल के रंग में रंग गया और भगवान महाकाल का दिव्य श्रृंगार भांग, चंदन और सूखे मेवों से किया गया।

भस्म आरती के दौरान सर्वप्रथम भगवान महाकाल का जल से अभिषेक किया गया, इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से निर्मित पंचामृत से पूजन संपन्न हुआ। विशेष अवसर पर केसर मिश्रित जल और विजया (भांग) से भी अभिषेक किया गया। इसके पश्चात भगवान का आकर्षक श्रृंगार कर पुजारियों और सेवकों ने गर्भगृह में गुलाल अर्पित कर होली उत्सव मनाया।

आरती में शामिल श्रद्धालु भक्ति और रंगों के माहौल में सराबोर नजर आए। बाबा महाकाल को फल और मिष्ठान्न का भोग अर्पित किया गया। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आशीर्वाद लिया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से पवित्र भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म भगवान महाकाल को अत्यंत प्रिय है और इसी कारण इस दिन विशेष रूप से भस्म से उनका अभिषेक किया जाता है। विश्वास है कि भस्म अर्पित करने के बाद भगवान निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं।

मंदिर के पुजारी राघव पुजारी ने बताया कि सोमवार शाम महाकाल परिसर में होलिका दहन किया गया था और मंगलवार सुबह से भव्य सजावट के साथ पंचामृत अर्पण का क्रम शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि नंदी और शिव परिवार को भी गुलाल अर्पित किया गया तथा देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य और शांति की कामना की गई।

कनाडा से आई श्रद्धालु नेहा शर्मा ने मंदिर में होली उत्सव का अनुभव साझा करते हुए कहा कि रंगों और भक्ति का संगम देखकर उन्हें अत्यंत आनंद और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ। महाकाल के दर्शन से वे अभिभूत दिखीं।

Lord Shiva के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक माने जाने वाले महाकालेश्वर मंदिर का विशेष धार्मिक महत्व है। यहां तड़के होने वाली भस्म आरती एक अनूठी परंपरा है, जिसमें भगवान शिव की पवित्र भस्म से पूजा की जाती है। होली के अवसर पर यह अनुष्ठान और भी अधिक भव्य और अलौकिक रूप ले लेता है, जब रंग, भक्ति और आस्था एक साथ मिलकर अद्वितीय आध्यात्मिक वातावरण का सृजन करते हैं।