A demand was raised in the Rajya Sabha to posthumously confer the Bharat Ratna on Manipur theatre personality Ratan Thiyam.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी के सांसद महाराजा संजाओबा लेशेम्बा ने शुक्रवार को सरकार से देश के अग्रणी रंगकर्मियों में शामिल रतन थियम को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग की।
उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए लेशेम्बा ने थियम को मणिपुर का “एक महान सांस्कृतिक आईकॅन” बताया, जिनकी चर्चित प्रस्तुतियां- चक्रव्यूह, अंधा युग और ऋतुसंहारम् ने भारतीय रंगमंच को वैश्विक पहचान दिलाई।
उच्च सदन में मणिपुर का प्रतिनिधित्व कर रहे लेशेम्बा ने कहा, “नाटककार, निर्देशक, चित्रकार और लेखक रतन थियम बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे जिन्होंने पांच दशकों से अधिक लंबे करियर में पारंपरिक मणिपुरी सौंदर्यशास्त्र और आधुनिक रंगमंच अभिव्यक्ति के अनूठे समावेश के जरिए भारतीय रंगमंच को नई दिशा दी।”
थियम मणिपुर से नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के पहले स्नातक थे। बाद में उन्होंने 1979 से 1989 तक इसके निदेशक और 2013 से 2017 तक अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वर्ष 1976 में उन्होंने इम्फाल में कोरस रिपर्टरी थियेटर की स्थापना की, जो आगे चलकर प्रयोगधर्मी और सामाजिक सरोकारों वाले रंगमंच का राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित केंद्र बना।
पद्मश्री, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप सहित कई सम्मान से सम्मानित थियम को वर्ष 2018 में तत्कालीन उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने ‘लीजेंड ऑफ इंडिया लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया था।
लेशेम्बा ने सरकार से आग्रह किया कि थियम को भारत रत्न से सम्मानित करना “मणिपुर के इस महान सपूत और भारत के श्रेष्ठ सांस्कृतिक दूतों में से एक को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”
मणिपुर के प्रख्यात नाटककार, रंगमंच निर्देशक और शिक्षक थियम का 23 जुलाई 2025 को निधन हो गया था।