Investigation underway into allegations of giving expired medicine to Nipah patients
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केरलम के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने शुक्रवार को कहा कि पिछले कुछ वर्षों में निपाह के मरीजों को रेमडेसिविर की ‘एक्सपायरी’ (इस्तेमाल की अवधि समाप्त हो चुकी) दवा दिए जाने के आरोपों की जांच कर रही विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई करेगी।
विधानसभा में कांग्रेस विधायक मैथ्यू कुझलनादन के एक सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया था कि 2021 में खरीदी गई रेमडेसिविर दवा की एक्सपायरी तारीख मई 2023 थी, लेकिन संभव है कि कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों को यह दवा 2025 तक दी गई हो।
यहां संवाददाताओं से बातचीत में मुरलीधरन ने कहा कि विधानसभा में दी गई जानकारी स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की रिपोर्ट पर आधारित थी। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ समिति की जांच रिपोर्ट आने तक वह इस मामले में कोई और टिप्पणी नहीं करेंगे।
मुरलीधरन ने कहा कि सरकार इस बात की जांच करेगी कि क्या निपाह के मरीजों की मौत का संबंध एक्सपायरी दवा दिए जाने से था और क्या यह दवा लेने वाले अन्य मरीजों पर भी इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ा था।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि रेमडेसिविर की गुणवत्ता या उसकी प्रभावकारिता को लेकर कोई चिंता नहीं है। जांच का मुद्दा केवल यह है कि क्या मरीजों को इस दवा की एक्सपायरी खुराक दी गई थी।