ऋषिकेश
उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित Parmarth Niketan Ashram में 9 से 15 मार्च तक आयोजित होने वाला सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव सोमवार को पारंपरिक प्रार्थनाओं और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ शुरू हो गया। इस महोत्सव में भारत सहित दुनिया के कई देशों से योग साधक और आध्यात्मिक अनुयायी भाग लेने के लिए पहुंचे हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत आश्रम के गंगा घाट पर विशेष पूजा और गंगा आरती के साथ हुई। इस अवसर पर Acharya Balkrishna मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि प्रसिद्ध ड्रमर Shivamani भी कार्यक्रम में शामिल हुए। Swami Chidanand Saraswati, जो आश्रम के अध्यक्ष हैं, ने मां गंगा की आरती और विशेष प्रार्थनाएं कर विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना की।
उन्होंने कहा कि योग के साथ-साथ आयुर्वेद और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति दुनिया भर के लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है। उनके अनुसार यदि लोगों को सही दिशा और मार्गदर्शन मिले तो वे योग, आयुर्वेद और धर्म से जुड़ने के लिए तैयार हैं।
महोत्सव के पहले दिन गंगा घाट पर सैकड़ों श्रद्धालु और पर्यटक गंगा आरती में शामिल हुए। आयोजकों के अनुसार इस योग महोत्सव में करीब 80 देशों के लोग भाग लेने के लिए आ रहे हैं, जिनमें कई देशों के राजनयिक और राजदूत भी शामिल होंगे।
आने वाले दिनों में कार्यक्रम में Pushkar Singh Dhami और Gurmit Singh के भी शामिल होने की संभावना है।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि इस महोत्सव में ईरान, इज़राइल, अमेरिका, रूस और यूक्रेन सहित कई देशों के लोग भाग ले रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि योग लोगों को जोड़ने और विश्व में शांति स्थापित करने का माध्यम बन सकता है। उन्होंने कहा कि योग न केवल शरीर में संतुलन और स्वास्थ्य लाता है, बल्कि दुनिया भर के लोगों के बीच एकता और सद्भाव भी स्थापित करता है।





