ओला इलेक्ट्रिक का वाहन पंजीकरण अप्रैल-जून में लगभग दोगुना,जून में 16,144 वाहनों का पंजीकरण

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 01-07-2026
Ola Electric's vehicle registrations nearly double in April-June
Ola Electric's vehicle registrations nearly double in April-June

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 ओला इलेक्ट्रिक के इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का पंजीकरण बेहतर खुदरा बिक्री, उत्पादों की उपलब्धता और मजबूत मांग के दम पर अप्रैल-जून तिमाही में लगभग दोगुना होकर 43,719 इकाई हो गया। पिछली तिमाही में यह 22,252 इकाई था।
 
कंपनी ने जून में 16,144 वाहनों का पंजीकरण कराया, जो हाल की तिमाहियों में उसका सर्वाधिक मासिक आंकड़ा है। बेहतर खुदरा बिक्री, उत्पादों की उपलब्धता और ग्राहकों की मजबूत मांग से तिमाही आधार पर वृद्धि को समर्थन मिला।
 
ओला इलेक्ट्रिक के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही हमारी वृद्धि यात्रा में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुई। इस दौरान वाहन पंजीकरण तिमाही आधार पर लगभग दोगुना हुआ और जून में 16,144 वाहनों का पंजीकरण हुआ, जो हाल की तिमाहियों में हमारा सबसे मजबूत मासिक प्रदर्शन है। यह लगातार बनी रफ्तार हमारे परिचालन में सुधार, मजबूत उत्पाद खंड और ग्राहकों की ओर से ओला इलेक्ट्रिक को मिल रही निरंतर प्राथमिकता का परिणाम है।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘ हम प्रौद्योगिकी में नेतृत्व, विनिर्माण क्षमता के विस्तार और ग्राहकों को बेहतर स्वामित्व अनुभव उपलब्ध कराकर इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।’’
 
कंपनी ने कहा कि उसे उम्मीद है कि भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का बाजार लगातार बढ़ने के साथ उसकी यह रफ्तार भी बनी रहेगी। उपभोक्ताओं द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने और आंतरिक दहन इंजन (आईसीई) वाले वाहनों की तुलना में अधिक किफायती होने से इस बाजार को समर्थन मिल रहा है।
 
ओला इलेक्ट्रिक अपनी एकीकृत विनिर्माण एवं प्रौद्योगिकी प्रणाली के जरिये इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी प्रौद्योगिकी विकसित तथा विनिर्मित करती है। कंपनी अपने स्वामित्व वाले शोरूम और ऑनलाइन माध्यमों से सीधे ग्राहकों को वाहन बेचती है।
 
बयान के अनुसार, भारत का इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बाजार लगातार मजबूत संरचनात्मक वृद्धि दर्ज कर रहा है। इसके पीछे इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति उपभोक्ताओं की बढ़ती पसंद, आईसीई वाहनों की तुलना में बेहतर लागत लाभ और ऊर्जा सुरक्षा तथा टिकाऊ विकास के प्रति बढ़ती जागरूकता प्रमुख कारण हैं।