Want a 1980s photo of yourself? Try these ChatGPT prompts for Instagram’s latest AI trend
ओनिका माहेश्वरी/ नई दिल्ली
Instagram की फ़ीड और स्टोरीज़ पर इन दिनों 1980 के दशक का अंदाज़ नए रूप में दिखाई दे रहा है। इस बार पुराने फ़िल्टर नहीं, बल्कि AI इस रेट्रो लुक को दोबारा गढ़ने का ज़रिया बना है। यूज़र्स अपनी तस्वीरें ChatGPT पर अपलोड कर उनसे ऐसी इमेज तैयार करवा रहे हैं, जो देखने में 40 साल पुरानी एनालॉग कैमरे से खींची गई तस्वीर जैसी लगती हैं। इस ट्रेंड ने Instagram Stories में भी जगह बना ली है, जहां लोग अपने इस्तेमाल किए गए प्रॉम्प्ट साझा करने के साथ ‘Add Yours’ स्टिकर के जरिए दोस्तों और फॉलोअर्स को भी 1980s स्टाइल पोर्ट्रेट बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
इस ट्रेंड की खासियत यह है कि हर तस्वीर में 1980s का अलग अंदाज़ देखने को मिल रहा है। कोई तस्वीर पुराने बॉलीवुड स्टूडियो पोर्ट्रेट जैसी दिखाई देती है, तो कोई क्लासिक हॉलीवुड शूट, पारिवारिक फोटो एल्बम, पुरानी मैगज़ीन कवर या किसी फिल्म के दृश्य का एहसास कराती है। तस्वीरों में वॉर्म स्टूडियो लाइटिंग, सॉफ्ट फोकस, हल्का फिल्म ग्रेन, चमकीले लेकिन थोड़े फेड रंग और एनालॉग कैमरे की प्राकृतिक खामियां जोड़कर ऐसा प्रभाव बनाया जा रहा है, जिससे आधुनिक डिजिटल फोटो के बजाय पुरानी फिल्म से निकली तस्वीर का अहसास होता है।
भारतीय यूज़र्स के बीच इस ट्रेंड का देसी वर्जन खास तौर पर लोकप्रिय हो रहा है। महिलाओं के लिए रंग-बिरंगी साड़ियां, बड़े और घने कर्ली हेयर, स्टेटमेंट ज्वेलरी और 1980s का मेकअप लुक इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि पुरुषों के पोर्ट्रेट में शर्ट, हाई-वेस्ट ट्राउजर, सलीके से कंघी किए हुए बाल और कई बार मूंछों वाला अंदाज़ दिखाई देता है। यानी AI सिर्फ तस्वीर का रंग नहीं बदल रहा, बल्कि पूरे दौर की फैशन, स्टाइलिंग, रोशनी और माहौल को फिर से बनाने की कोशिश कर रहा है।
इस AI ट्रेंड को आजमाने के लिए यूज़र अपनी फोटो ChatGPT पर अपलोड कर सकते हैं और स्पष्ट रूप से बता सकते हैं कि तस्वीर को 1980s के दौर में खींची गई वास्तविक फोटो जैसा बनाया जाए। इसके बाद हेयरस्टाइल, कपड़े, ज्वेलरी, बैकग्राउंड, लाइटिंग और फिल्म टेक्सचर जैसी पसंदीदा डिटेल्स जोड़ी जा सकती हैं। पुराने बॉलीवुड स्टूडियो पोर्ट्रेट से लेकर भारतीय पारिवारिक एल्बम, शादी की तस्वीर, मैगज़ीन कवर, दूरदर्शन-युग के टेलीविजन पोर्ट्रेट और 1987 की भारतीय सड़क की तस्वीर तक, अलग-अलग विज़ुअल स्टाइल के लिए प्रॉम्प्ट को कस्टमाइज़ किया जा सकता है।
इस ट्रेंड में एक अहम जोर चेहरे की पहचान को बरकरार रखने पर भी है। प्रॉम्प्ट में यूज़र्स अक्सर यह निर्देश दे रहे हैं कि चेहरे के मूल फीचर्स और पहचान न बदली जाए, तस्वीर फोटो-रियलिस्टिक रहे और व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति जैसा न दिखे। साथ ही अत्यधिक सेपिया टोन, जरूरत से ज्यादा विंटेज इफेक्ट या कृत्रिम रूप से बूढ़ा दिखाने वाले बदलावों से बचने को कहा जा रहा है।
सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि यह ट्रेंड सिर्फ फैशन या फोटो एडिटिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया पर एक तरह की डिजिटल नॉस्टेल्जिया को जन्म दे रहा है। जिन लोगों ने 1980s का दौर देखा है, उनके लिए यह तस्वीरें पुराने फोटो एल्बम और पारिवारिक यादों की झलक देती हैं, जबकि युवा यूज़र्स AI के जरिए उस दौर की शैली को अपनी तस्वीरों में अनुभव कर रहे हैं। इस तरह Instagram पर 1980s की वापसी असल में पुराने दौर और नई AI तकनीक का एक दिलचस्प मेल बन गई है।