नई दिल्ली
लोकप्रिय गायिका श्रेया घोषाल ने हाल ही में एक साक्षात्कार में कहा कि उन्हें भी कभी-कभी संगीत से ब्रेक लेने की इच्छा होती है। उन्होंने अपने साथी गायक अरिजीत सिंह के हालिया फैसले की सराहना करते हुए इसे प्रेरक बताया।
श्रेयाने कहा, "कभी-कभी मुझे भी सच में ब्रेक लेने का मन करता है। अरिजीत ने यह फैसला बहुत हिम्मत से लिया है। वह सच्चे दिल से कलाकार हैं। उन्हें कभी यह परवाह नहीं कि गानों से कितनी कमाई होती है। वह सिर्फ वही करते हैं जिससे उन्हें मानसिक शांति मिलती है।"
श्रेयाने आगे कहा कि अरिजीत के संगीत के प्रति लगाव ने उन्हें बहुत प्रेरित किया है। "उनके लिए संगीत सर्वोपरि था और इसी गहरे लगाव ने उन्हें श्रोताओं से जोड़ा। उनके फैसले ने मुझे भी यह सोचने पर मजबूर किया कि कला में मानसिक संतुलन कितना जरूरी है।"
इस साक्षात्कार में श्रेया ने 'लिप सिंक' की संस्कृति पर भी अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिस दिन उन्हें मजबूर होकर ऐसा करना पड़ेगा, उस दिन वह गायन छोड़ देंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में 'चिकनी चमेली' जैसे बोल वाले गाने गाने का उनका कोई इरादा नहीं है।
श्रेयाने और अरिजीत ने कई सुपरहिट गानों में साथ काम किया है। उनकी जोड़ी ने सिनेमा और संगीत प्रेमियों के बीच खास पहचान बनाई है। उनके हालिया बयान से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि श्रेया भी लंबे करियर की थकान और समकालीन संगीत की बदलती सोच के चलते कुछ समय के लिए ब्रेक लेना चाहती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय कलाकार के मानसिक स्वास्थ्य और संगीत में स्थिरता बनाए रखने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। संगीतकारों के लिए आत्म-देखभाल और ब्रेक लेना लंबे करियर के लिए जरूरी माना जाता है।
श्रेयाने यह भी साफ किया कि उनका प्यार संगीत के लिए कभी कम नहीं होगा। वे केवल उस तरह के काम से दूर रहना चाहती हैं जो उनके आत्मसम्मान या कला की स्वतंत्रता को प्रभावित करे।
श्रेयाने अपने बयान में अरिजीत सिंह के फैसले की सराहना करते हुए इसे एक सकारात्मक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि कलाकार को केवल लोकप्रियता या कमाई के लिए नहीं बल्कि अपनी कला और मानसिक संतुलन के लिए निर्णय लेने चाहिए।
इस बयान के बाद संगीत प्रेमियों और मीडिया में चर्चा शुरू हो गई है कि श्रेया घोषाल भी कुछ समय के लिए अपने व्यस्त कार्यक्रम और रिकॉर्डिंग से ब्रेक ले सकती हैं।