CBSE 12वीं रिजल्ट गिरने की ये वजह

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 15-05-2026
This is the reason for the fall in CBSE 12th result
This is the reason for the fall in CBSE 12th result

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
सीबीएसई की 12वीं कक्षा के इस वर्ष के परिणामों में उत्तीर्ण प्रतिशत में आई गिरावट बोर्ड द्वारा दक्षता-आधारित मूल्यांकन और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) जैसी नई मूल्यांकन प्रणालियों पर बढ़ते जोर को दर्शाती है।
 
स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षाविदों ने यह राय व्यक्त की।
 
सीबीएसई ने बुधवार को कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए, जिनमें 85 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। हालांकि, कुल उत्तीर्ण प्रतिशत में पिछले वर्ष की तुलना में तीन प्रतिशत की कमी आई है।
 
पहली बार सीबीएसई ने कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं का पूर्ण स्तर पर मूल्यांकन ओएसएम प्रणाली के माध्यम से किया।
 
इस वर्ष केंद्रीय विद्यालयों का उत्तीर्ण प्रतिशत सबसे अधिक 98.55 प्रतिशत रहा।
 
दिल्ली में केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) के पूर्व प्राचार्य सुधाकर प्रसाद ठाकुर ने इस सफलता का श्रेय संगठन की समन्वित शैक्षणिक प्रणाली को दिया और कहा कि विद्यार्थियों की सीखने संबंधी कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करना भी कारगर रहा।
 
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘केवीएस का दृष्टिकोण बेहद व्यवस्थित और समन्वित है। शिक्षक और प्राचार्य प्रत्येक छात्र पर ध्यान देते हैं और उनकी सीखने संबंधी कमियों की व्यवस्थित तरीके से पहचान करते हैं। इससे विद्यार्थियों में कौशल और दक्षताएं विकसित होती हैं तथा वे समस्याओं को बेहतर ढंग से हल कर पाते हैं।’’
 
कक्षा 12वीं के कुल उत्तीर्ण प्रतिशत में गिरावट पर ठाकुर ने कहा कि दक्षता-आधारित और अवधारणात्मक प्रश्नों पर बढ़ते जोर का असर उन छात्रों पर पड़ा होगा जिनकी अवधारणात्मक समझ कमजोर थी।
 
उन्होंने कहा, ‘‘अब प्रश्न केवल सैद्धांतिक नहीं रह गए हैं जिन्हें छात्र रटकर परीक्षा में लिख दें। अब छात्रों को प्रश्न को समझना, उसकी अवधारणा के आधार पर जवाब देना और समस्या-समाधान आधारित दृष्टिकोण अपनाना पड़ता है।’’
 
माउंट आबू स्कूल की प्राचार्य ज्योति अरोड़ा ने कहा कि बोर्ड अब रटने की प्रवृत्ति से हटकर अवधारणात्मक समझ और अनुप्रयोग आधारित मूल्यांकन की ओर बढ़ता दिख रहा है।