The Bihar government increased the honorarium of students pursuing postgraduate studies in medicine and dentistry.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
बिहार सरकार ने राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों और दंत चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई कर रहे प्रशिक्षु चिकित्सकों के मासिक मानदेय में वृद्धि की है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, प्रथम वर्ष के स्नातकोत्तर छात्रों का मासिक मानदेय 82,000 रुपये से बढ़ाकर 92,800 रुपये, द्वितीय वर्ष के छात्रों का मानदेय 90,200 रुपये से बढ़ाकर 1,02,000 रुपये तथा तृतीय वर्ष के छात्रों का छात्रों का मानदेय 99,220 रुपये से बढ़ाकर 1,12,200 रुपये कर दिया गया है।
बयान में कहा गया है कि संशोधित मानदेय दरें एक जनवरी, 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी और इसका लाभ पूर्व प्रभाव से मिलेगा।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा, “पीजी छात्र भविष्य के विशेषज्ञ चिकित्सक हैं और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। मानदेय में वृद्धि से उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा तथा चिकित्सा शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण तैयार होगा।”
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल चिकित्सा संस्थानों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसे विशेषज्ञ चिकित्सकीय मानव संसाधन का विकास करना है जो लोगों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सके।