जामिया के पीएचडी स्कॉलर मुन्ना खालिद ने चीन में जीता कांस्य पदक

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 11-09-2026
Jamia PhD scholar Munna Khalid won a bronze medal in China.
Jamia PhD scholar Munna Khalid won a bronze medal in China.

 

नई दिल्ली।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के हिंदी विभाग के पीएचडी शोधार्थी और पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी मुन्ना खालिद ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने बीजिंग, चीन में आयोजित ‘चाइना पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल 2026’ में कांस्य पदक अपने नाम किया।

यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता 31 अगस्त से 5 सितंबर 2026 तक बीजिंग में आयोजित की गई। प्रतियोगिता का आयोजन बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) के तत्वावधान में किया गया था।

मुन्ना खालिद ने पुरुष युगल वर्ग में शशांक कुमार के साथ जोड़ी बनाकर प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। दोनों खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई। हालांकि, सेमीफाइनल मुकाबले में उन्हें चीन की जोड़ी के खिलाफ 12-21 और 18-21 से हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

भारत के लिए जीत चुके हैं 11 अंतरराष्ट्रीय पदक

इस उपलब्धि के साथ मुन्ना खालिद के अंतरराष्ट्रीय पदकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। इनमें 2 स्वर्ण, 2 रजत और 7 कांस्य पदक शामिल हैं। लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले मुन्ना ने पैरा बैडमिंटन के क्षेत्र में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है।

खेल के क्षेत्र में उनके योगदान और उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में ‘IamGame’ की ओर से ‘पैरा एथलीट ऑफ द ईयर 2026’ के गोल्ड विनर के रूप में भी सम्मानित किया जा चुका है।

एशियन पैरा गेम्स और पैरालिंपिक्स पर नजर

मुन्ना खालिद का लक्ष्य आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए देश, अपने राज्य और जामिया मिल्लिया इस्लामिया का नाम रोशन करना है। उनकी नजर विशेष रूप से एशियन पैरा गेम्स 2026 और पैरालिंपिक्स 2028 पर है।

मुन्ना खेल के साथ अपनी पढ़ाई को भी पूरी गंभीरता से आगे बढ़ा रहे हैं। वह जामिया मिल्लिया इस्लामिया से हिंदी साहित्य में पीएचडी कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने इसी विश्वविद्यालय से बीए ऑनर्स, मास्टर ऑफ सोशल वर्क (MSW) और हिंदी में एमए की पढ़ाई पूरी की है।

उनका सफर इस बात की मिसाल है कि खेल और शिक्षा को साथ लेकर चलने वाला एक समर्पित विद्यार्थी किस तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है।

जामिया प्रशासन ने दी बधाई

मुन्ना खालिद की अंतरराष्ट्रीय सफलता पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ ने उन्हें बधाई दी और भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मुन्ना की उपलब्धि को विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय बताया।

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. मो. महताब आलम रिज़वी ने भी मुन्ना खालिद के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में सफलता हासिल करने के लिए उनके समर्पण और मेहनत की प्रशंसा करते हुए भविष्य के मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं दीं।

जामिया के गेम्स एंड स्पोर्ट्स डायरेक्टर प्रो. नफ़ीस अहमद ने भी मुन्ना खालिद की उपलब्धि पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि मुन्ना की मेहनत, लगन और खेल के प्रति समर्पण ने विश्वविद्यालय का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उन्होंने मुन्ना के उज्ज्वल भविष्य और आगामी खेल प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन की कामना की।

मुन्ना खालिद की यह उपलब्धि खेल और शिक्षा के बीच बेहतर तालमेल की प्रेरक मिसाल है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार पदक जीतकर वह न केवल भारत का नाम रोशन कर रहे हैं, बल्कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया के लिए भी गौरव का विषय बन रहे हैं।