नई दिल्ली।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर, प्रख्यात भौतिक विज्ञानी तथा सम्मानित शिक्षाविद प्रोफेसर क़मर नसीर उस्मानी के निधन पर शैक्षणिक जगत में गहरा शोक व्याप्त है। उनका 15 जून 2026 को निधन हो गया। उनके निधन की खबर से उनके सहयोगियों, छात्रों, मित्रों और शुभचिंतकों में दुख की लहर दौड़ गई।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें एक उत्कृष्ट शिक्षक, विद्वान वैज्ञानिक और प्रेरणादायी व्यक्तित्व बताया। विश्वविद्यालय समुदाय ने कहा कि प्रो. उस्मानी ने अपने लंबे शैक्षणिक जीवन में न केवल विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया, बल्कि हजारों छात्रों के जीवन को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित किया।
प्रो. क़मर नसीर उस्मानी भौतिकी के क्षेत्र में अपनी गहरी समझ, शोध कार्यों और उत्कृष्ट अध्यापन शैली के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) और जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में वर्षों तक अध्यापन किया। उनके कई छात्र आज देश और विदेश के प्रमुख शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
उनके सहयोगियों के अनुसार, प्रो. उस्मानी केवल एक शिक्षक ही नहीं थे, बल्कि विद्यार्थियों के मार्गदर्शक, प्रेरक और संरक्षक भी थे। उनका सरल स्वभाव, विनम्रता और ज्ञान के प्रति समर्पण उन्हें छात्रों और सहकर्मियों के बीच बेहद लोकप्रिय बनाता था।
परिवार द्वारा जारी सूचना के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार 19 जून 2026 को अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य के वेल्सली स्थित वुडलॉन कब्रिस्तान में संपन्न हुआ। परिवार ने मित्रों, सहयोगियों, पूर्व छात्रों और शुभचिंतकों से उनकी मगफिरत और परिवार के लिए सब्र की दुआ करने की अपील की है।
प्रो. उस्मानी अपने पीछे पत्नी तस्नीम उस्मानी, बेटियों सहर और आयशा तथा पोते-पोतियों एथेना, आइजैक, एलान और मिराबेल को छोड़ गए हैं।
उनके निधन को शैक्षणिक और बौद्धिक जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। जिन्होंने उन्हें करीब से जाना, वे उन्हें एक ऐसे शिक्षक के रूप में याद करते हैं, जिन्होंने ज्ञान को केवल कक्षा तक सीमित नहीं रखा बल्कि अपने आचरण और व्यक्तित्व से भी विद्यार्थियों को जीवन के मूल्य सिखाए।
उनके छात्र और सहयोगी सोशल मीडिया तथा विभिन्न मंचों पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। कई लोगों ने उन्हें एक ऐसे शिक्षक के रूप में याद किया, जिनकी प्रेरणा और मार्गदर्शन ने उनके जीवन और करियर की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अल्लाह तआला मरहूम प्रो. क़मर नसीर उस्मानी की मगफिरत फरमाए, उनकी कब्र को रोशन करे और जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता करे। साथ ही उनके परिवार, मित्रों और चाहने वालों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने का सब्र प्रदान करे। आमीन।