Protests over NEET in Goa have stooped to the lowest level: Chief Minister Sawant
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को लेकर गोवा में हाल ही में हुए छात्र आंदोलन का स्तर ‘बौद्धिक रूप से निम्नतम स्तर’ तक गिर गया था और छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद की रिहाई की मांग करने वाली तख्तियों ने विरोध प्रदर्शन को उसके असली मकसद से भटका दिया।
पणजी में ‘गोवा शिक्षा समागम 2026’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए सावंत ने कहा कि छात्रों को विरोध करने का पूरा लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उन्होंने कहा कि हालिया आंदोलन के दौरान जो व्यवहार और संदेश देखने को मिले उन्हें असली छात्र आंदोलनों से नहीं जोड़ा जा सकता।
परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों और नीट के कथित पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया।
गोवा पुलिस ने पिछले हफ्ते पणजी में दो युवकों को हिरासत में लिया था। उन पर आरोप था कि प्रधान के इस्तीफे पर जश्न मनाने के दौरान उन्होंने जेल में बंद छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद का समर्थन किया था।
खालिद को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया था।
तटीय राज्य की पुलिस ने पिछले हफ्ते मापुसा और पणजी में प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए दो विरोध प्रदर्शनों के आयोजकों से भी पूछताछ की थी।
सावंत ने कहा, ‘‘छात्रों को विरोध करने का पूरा अधिकार है। मैं नीट को लेकर हुए विरोध को समझ सकता हूं। लेकिन विरोध के दौरान जिस तरह के कृत्य, सोच और भाषा का प्रदर्शन किया गया, वह छात्रों की नहीं हो सकती। हममें से कई लोगों ने पूर्व में छात्र आंदोलनों में हिस्सा लिया है, लेकिन कोई भी बौद्धिक रूप से इतना निम्नतम स्तर तक नहीं गिरा।