नई दिल्ली:
Jamia Millia Islamia के फैकल्टी ऑफ एजुकेशन स्थित डिपार्टमेंट ऑफ टीचर ट्रेनिंग एंड नॉन-फॉर्मल एजुकेशन (IASE) ने एम.एड. स्पेशल एजुकेशन (प्रथम एवं द्वितीय वर्ष) के विद्यार्थियों के लिए चार दिवसीय शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया। यह अध्ययन यात्रा 9 फरवरी 2026 की रात दिल्ली से प्रस्थान कर 14 फरवरी 2026 की सुबह वापसी के साथ संपन्न हुई। लगभग 30–34 छात्रों ने डॉ. सौरभ रे, डॉ. मोहम्मद फैज़ुल्लाह खान, डॉ. आर. जमुना तथा अकील हुसैन के मार्गदर्शन में भाग लिया।
इस भ्रमण का उद्देश्य छात्रों को राष्ट्रीय संस्थानों, विशेष विद्यालयों, पुनर्वास केंद्रों और समावेशी शिक्षा परिवेश का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना था, ताकि वे सैद्धांतिक ज्ञान और व्यवहारिक प्रशिक्षण के बीच की दूरी को कम कर सकें।
NIEPVD और ब्रेल निर्माण इकाई का दौरा
10 फरवरी को देहरादून पहुंचने के बाद छात्रों ने National Institute for the Empowerment of Persons with Visual Disabilities (NIEPVD) का भ्रमण किया। संस्थान के इतिहास, उद्देश्य और राष्ट्रीय भूमिका पर आधारित परिचयात्मक सत्र के बाद विद्यार्थियों ने पुस्तकालय, कॉन्फ्रेंस कक्ष और विभिन्न विभागों का अवलोकन किया। फंक्शनल असेसमेंट यूनिट और विशेष डार्क रूम में दृष्टिबाधित व्यक्तियों के मूल्यांकन की प्रक्रिया को समझा। मॉडल स्कूल, छात्रावास और विज्ञान प्रयोगशाला का निरीक्षण भी किया गया।
दोपहर बाद छात्रों ने ब्रेल उपकरण निर्माण (MBA यूनिट) का दौरा कर ब्रेल पुस्तकें, स्लेट और सहायक उपकरणों की तैयारी की प्रक्रिया देखी। लो-विजन डिवाइस के प्रदर्शन ने सहायक तकनीक की उपयोगिता को व्यावहारिक रूप से स्पष्ट किया।
बधिर एवं दृष्टिबाधित संस्थानों में शिक्षण पद्धतियों का अध्ययन
दूसरे दिन विद्यार्थियों ने Bajaj Institute of Learning for Deaf का दौरा कर सांकेतिक भाषा और श्रवण बाधित बच्चों के लिए अपनाई जाने वाली शिक्षण रणनीतियों का अवलोकन किया। इसके बाद SHARP Memorial School for the Blind में कक्षाओं, लो-विजन यूनिट और “Annie” नामक सुलभ गेमिंग डिवाइस का अनुभव प्राप्त किया।
पुनर्वास एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण का अनुभव
तीसरे दिन Raphael Centre में विद्यार्थियों ने फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, प्री-वोकेशनल और वोकेशनल प्रशिक्षण इकाइयों का अवलोकन किया। बाद में Ngoenga Tibetan School for Children with Special Needs का संक्षिप्त भ्रमण कर कक्षा वातावरण और संसाधन कक्ष की जानकारी ली।
मसूरी में शैक्षिक एवं सांस्कृतिक अन्वेषण
चौथे दिन छात्रों ने Mussoorie में लाल टिब्बा (लैंडौर), जॉर्ज एवरेस्ट, दलाई हिल्स और केम्प्टी फॉल्स का भ्रमण किया, जिससे उन्हें आत्मचिंतन और समूह समन्वय का अवसर मिला।यह शैक्षिक यात्रा विद्यार्थियों के लिए समावेशी शिक्षा, मूल्यांकन प्रक्रिया, सहायक उपकरणों और पुनर्वास सेवाओं की गहन समझ विकसित करने में अत्यंत सफल रही।





