नीट अभ्यर्थी आकांक्षा चतुर्वेदी के परिजनों से मिले दीपके, एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 17-06-2026
Deepak meets family of NEET aspirant Akanksha Chaturvedi, demands Rs 1 crore compensation
Deepak meets family of NEET aspirant Akanksha Chaturvedi, demands Rs 1 crore compensation

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (यूजी) अभ्यर्थी आकांक्षा चतुर्वेदी के परिजनों से मंगलवार को मुलाकात की और सरकार से उनके लिए एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की।
 
आकांक्षा ने परीक्षा रद्द होने के बाद कथित तौर पर दोबारा परीक्षा देने के दबाव और अवसाद के कारण पिछले महीने आत्महत्या कर ली थी।
 
पिछले महीने नीट (यूजी) प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही सीजेपी द्वारा आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दीपके नागपुर आए थे। प्रदर्शन से पहले उन्होंने नागपुर शहर के पांढराबोडी क्षेत्र स्थित आकांक्षा के घर जाकर उसके माता-पिता से मुलाकात की।
 
बाद में प्रदर्शन स्थल पर एक सभा को संबोधित करते हुए दीपके ने आकांक्षा की आत्महत्या का उल्लेख किया और उसके परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की।
 
दीपके ने आकांक्षा के परिजनों से संपर्क नहीं करने को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आलोचना भी की। संविधान चौक पर सीजेपी द्वारा आयोजित प्रदर्शन में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए दीपके ने कहा कि आकांक्षा को सरकार की ‘‘विफलता’’ के कारण आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
 
उन्होंने कहा, ‘‘यह शर्मनाक है कि नागपुर से संबंध रखने वाले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने आकांक्षा के परिवार को एक फोन कॉल तक नहीं किया। वह नागपुर में आपके आवास से महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर रह रही थी। क्या कम से कम उसके परिवार से बात करना आपकी जिम्मेदारी नहीं थी?’’
 
दीपके ने आरोप लगाया कि इस मामले में राज्य सरकार ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई और पीड़ित परिवार तक पहुंचने का प्रयास भी नहीं किया।
 
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद तीन मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2026 को 12 मई को रद्द कर दी थी। इसके बाद पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित करने की घोषणा की गई। इस परीक्षा के लिए करीब 23 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था।