AI डेटा सेंटर: सॉलिड-स्टेट ट्रांसफॉर्मर का 5 अरब डॉलर का बाजार

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 22-10-2026
800VDC shift in AI data centres may create USD 5 billion market for solid-state transformers: Goldman Sachs
800VDC shift in AI data centres may create USD 5 billion market for solid-state transformers: Goldman Sachs

 

नई दिल्ली 
 
गोल्डमैन सैक्स की एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा सेंटरों में 800-वोल्ट डायरेक्ट करंट (800VDC) पावर सिस्टम अपनाने से 2030 तक सॉलिड-स्टेट ट्रांसफॉर्मर के लिए 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक का बाजार अवसर पैदा हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग के कारण कुशल पावर इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत भी बढ़ रही है। रिपोर्ट का अनुमान है कि 2030 तक 800V GPU का उपयोग करने वाली लगभग 10 गीगावाट (GW) नई डेटा सेंटर क्षमता जुड़ सकती है। यह कुल स्थापित डेटा सेंटर क्षमता का लगभग 6 प्रतिशत और उस वर्ष जोड़ी जाने वाली नई क्षमता का 60 प्रतिशत होगा।
 
गोल्डमैन सैक्स ने कहा कि AI सिस्टम की बढ़ती बिजली जरूरतों के कारण, प्रति रैक बिजली की मांग दसियों किलोवाट से बढ़कर एक मेगावाट से अधिक हो गई है। इससे पारंपरिक पावर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम पर दबाव पड़ रहा है। 800VDC तकनीक को अपनाने से पावर एफिशिएंसी (ऊर्जा दक्षता) में 5 प्रतिशत तक का सुधार हो सकता है और तांबे (कॉपर) की जरूरत में 45 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। इससे डेटा सेंटरों को बिजली की मांग में होने वाले अचानक बदलावों को संभालने में भी मदद मिल सकती है। उम्मीद है कि 2027 की शुरुआत में 'पावर साइडकार' के साथ इसका कमर्शियल इस्तेमाल शुरू हो जाएगा। ये सिस्टम मौजूदा अल्टरनेटिंग करंट (AC) इंफ्रास्ट्रक्चर को हाई-वोल्टेज डायरेक्ट करंट (DC) सिस्टम को सपोर्ट करने में सक्षम बनाते हैं। 2027 के अंत और 2028 की शुरुआत में सॉलिड-स्टेट ट्रांसफॉर्मर और पूरी तरह से इंटीग्रेटेड 800VDC आर्किटेक्चर के आने की उम्मीद है।
 
इस बदलाव से सर्किट प्रोटेक्शन, एनर्जी स्टोरेज, पावर कन्वर्जन और कूलिंग सिस्टम के क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं। गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि अकेले सॉलिड-स्टेट सर्किट ब्रेकर का बाजार 8 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है। AI डेटा सेंटरों के लिए 'लिक्विड कूलिंग' (तरल शीतलन प्रणाली) भी एक महत्वपूर्ण जरूरत बनकर उभर रही है, क्योंकि हाई-डेंसिटी कंप्यूटिंग सिस्टम बहुत अधिक गर्मी पैदा करते हैं, जिसके लिए कुशल कूलिंग समाधानों की आवश्यकता होती है।
 
रिपोर्ट में केबल निर्माताओं के लिए भी संभावित अवसरों पर प्रकाश डाला गया है। हालांकि नए पावर आर्किटेक्चर से तांबे की कुल जरूरत कम हो सकती है, लेकिन विशेष, उच्च-मूल्य वाली केबलों और हाई-टेम्परेचर सुपरकंडक्टिंग तकनीक की मांग से प्रॉफिट मार्जिन (मुनाफे) को बनाए रखने में मदद मिल सकती है। गोल्डमैन सैक्स ने 'नेक्सैन्स' (Nexans) को एक संभावित लाभार्थी के रूप में पहचाना है। हालाँकि, रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि बाज़ार अभी शुरुआती चरण में है। जैसे-जैसे यह तकनीक पायलट प्रोग्राम और व्यापक व्यावसायिक इस्तेमाल के दौर से गुज़रेगी, इसे अपनाए जाने की समय-सीमा और बाज़ार के आकार के अनुमान बदल सकते हैं।