The demand for copper in the country increased by 12 percent in the last financial year.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
देश में तांबे की मांग बीते वित्त वर्ष (2025-26) में सालाना आधार पर 12 प्रतिशत बढ़कर 2,100 किलो टन हो गई। बुनियादी ढांचा, वाहन और भवन एवं निर्माण क्षेत्रों में मजबूत मांग से इसमें वृद्धि हुई। इंटरनेशनल कॉपर एसोसिएशन इंडिया (आईसीए इंडिया) ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
वित्त वर्ष 2024-25 में देश में तांबे की मांग 1,878 किलो टन रही थी।
आईसीए इंडिया के जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में तांबे की मांग 12 प्रतिशत बढ़ी, जो इस दौरान देश की 7.7 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर से काफी अधिक है। वित्त वर्ष 2024-25 में तांबे की मांग में 9.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।
मांग में वृद्धि की प्रमुख वजह बुनियादी ढांचा, वाहन और भवन एवं निर्माण क्षेत्र रहे। इन क्षेत्रों में बिजली के तार एवं केबल, ट्रांसफार्मर, मोटर, वाहन की वायरिंग और अन्य विद्युत एवं औद्योगिक शामिल हैं।
वित्त वर्ष 2025-26 में बुनियादी ढांचा क्षेत्र तांबे की अतिरिक्त मांग बढ़ाने वाला सबसे बड़ा कारक रहा। देश में तांबे की कुल मांग में 22 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले इस क्षेत्र में सालाना आधार पर 29 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
वाहन क्षेत्र में भी वित्त वर्ष 2024-25 की धीमी वृद्धि के बाद सुधार देखा गया। यात्री वाहनों, वाणिज्यिक वाहनों और ट्रैक्टर की बिक्री बढ़ने से इस क्षेत्र में तांबे की मांग 14 प्रतिशत बढ़ी।