आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
स्थानीय शेयर बाजार में मंगलवार को मामूली गिरावट आई और दोनों मानक सूचकांक...बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी लगभग स्थिर रुख के साथ बंद हुए। दुनिया के प्रमुख केंद्रीय बैंकों की इस सप्ताह मौद्रिक नीति बैठकों से पहले और एशिया के अन्य बाजारों में भारी बिकवाली के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 69.86 अंक यानी 0.09 प्रतिशत टूटकर 76,765.92 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 76,988.48 अंक के उच्च स्तर तक गया और 76,672.77 अंक के निचले स्तर तक आया। इस दौरान सूचकांक में 315.71 अंक का उतार-चढ़ाव रहा।
वहीं, एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित निफ्टी 10.60 अंक यानी 0.04 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 23,985.35 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर का शेयर सबसे अधिक 6.97 प्रतिशत टूटा। कंपनी के शुद्ध लाभ में कमी से शेयर नुकसान में रहा। कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ जून तिमाही में सालाना आधार पर 3.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,680 करोड़ रुपये रहा।
इसके अलावा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर भी नुकसान में रहे।
दूसरी ओर, लाभ में रहने वाले शेयरों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), इटर्नल, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस और टाइटन शामिल हैं।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से मुद्रास्फीति और कच्चे माल लागत को लेकर चिंता कम हुई, जिससे बाजार को कुछ राहत मिली। हालांकि, इस सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति बैठकों से पहले निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा।’’
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.82 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85.87 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 1,688.23 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और चीन का शंघाई कम्पोजिट गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग मामूली बढ़त में रहा।